उज्जैन की शाही मस्जिद पर नगर निगम की कार्रवाई का रास्ता साफ, हाई कोर्ट में अपील वापस

इंदौर, मध्य प्रदेश। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रहे शाही मस्जिद के हिस्से को लेकर हाई कोर्ट में चल रहे विवाद में सोमवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। मस्जिद पक्ष ने एकलपीठ के फैसले के खिलाफ दायर अपील वापस ले ली। हालांकि शुरुआती जानकारी में अपील खारिज होने की बात सामने आई थी, लेकिन मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप पाठक के अनुसार आपसी सहमति बनने के बाद अपील वापस ली गई है। मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता के मुताबिक, समझौते के तहत मस्जिद पक्ष तीन फीट पीछे हटने, मस्जिद से जुड़ी करीब 10 से 12 दुकानें हटाने तथा मीनारों को हटाकर दूसरी ओर स्थानांतरित करने के लिए तैयार है। इसके बदले उज्जैन नगर निगम नियमानुसार क्षतिपूर्ति देगा। मस्जिद पक्ष का कहना है कि नगर निगम ने हटाई जाने वाली 10-12 दुकानों के एवज में अन्य स्थान पर दुकानें उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया है। दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर बड़े पैमाने पर सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी परियोजना में शाही मस्जिद का एक हिस्सा बाधक बताया गया था। इसके बाद उज्जैन नगर निगम ने संबंधित हिस्से को लेकर मस्जिद पक्ष को नोटिस जारी किया था। नगर निगम के नोटिस को चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष ने हाई कोर्ट की एकलपीठ में याचिका दायर की थी। 9 सितंबर को एकलपीठ ने याचिका निरस्त कर दी थी। इसके बाद इस फैसले को चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष ने युगलपीठ के समक्ष अपील प्रस्तुत की। सोमवार को मामले पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के बाद मस्जिद पक्ष ने अपील वापस लेने की बात कही है। इसके साथ ही सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के संबंधित हिस्से, दुकानों और मीनारों को सहमति के अनुसार हटाने अथवा स्थानांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
