चुनाव हारने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग को बदनाम करता है विपक्ष: जेपी नड्डा

बरेली में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में विपक्ष पर साधा निशाना, बोले- भारत का लोकतंत्र देश के नागरिक चलाएंगे, घुसपैठिए नहीं

बरेली। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्षी दलों पर निर्वाचन आयोग और ईवीएम की विश्वसनीयता को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव चुनाव हारने के बाद ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हैं, जबकि जीत मिलने पर उसका श्रेय अपनी योग्यता को देते हैं। नड्डा ने कहा कि भारत का लोकतंत्र देश के नागरिक चलाएंगे, घुसपैठिए नहीं और घुसपैठियों के पक्ष में खड़े होने वालों को जनता नकार देगी। नड्डा मंगलवार को बरेली में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया में लोकतंत्र की जननी माना जाता है। निर्वाचन आयोग और सर्वोच्च न्यायालय ने वर्षों की मेहनत से अपनी प्रतिष्ठा बनाई है, लेकिन विपक्षी गठबंधन के नेता इन संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
एसआईआर को बताया जरूरी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का समर्थन करते हुए नड्डा ने कहा कि देश में यह प्रक्रिया अब तक 12 बार हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि हालिया पुनरीक्षण के दौरान 10.24 लाख बूथ स्तरीय अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच की। उनके अनुसार, अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का नाम दो स्थानों पर मतदाता सूची में नहीं होना चाहिए और मृत तथा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना आवश्यक है।
बंगाल में घुसपैठ का लगाया आरोप
पश्चिम बंगाल के बांग्लादेश सीमा से सटे जिलों में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए नड्डा ने घुसपैठ का आरोप लगाया। उन्होंने उत्तर दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना सहित कई जिलों के आंकड़े पेश किए। उनका दावा था कि सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ के कारण मतदाताओं की संख्या बढ़ी है।
आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए नड्डा ने आपातकाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र की बात करते हैं, जबकि इंदिरा गांधी के शासनकाल में आपातकाल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को जेल में डाला गया था। नड्डा ने दावा किया कि उस दौरान उन्हें भी दो बार कक्षा से गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कांग्रेस पर निर्वाचित सरकारों को बर्खास्त करने और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
ईवीएम हैकिंग की चुनौती का किया जिक्र
नड्डा ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने ईवीएम हैक करने की चुनौती दी थी, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता इसे स्वीकार करने नहीं पहुंचे। उन्होंने राहुल गांधी के कर्नाटक में वोट काटे जाने के आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय बाद भी आयोग को शपथपत्र नहीं दिया गया। हरियाणा और महाराष्ट्र चुनावों में धांधली के आरोपों पर भी उन्होंने विपक्ष से प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की।
विपक्षी नेताओं पर भ्रष्टाचार और हिंसा को लेकर हमला
नड्डा ने विपक्षी गठबंधन के नेताओं पर भ्रष्टाचार और विभिन्न मामलों में जमानत पर होने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तेजस्वी यादव और फारूक अब्दुल्ला सहित कई नेताओं का नाम लिया। इसके अलावा अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी हिंसा के संदर्भ में आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को चुनावी हार के बाद संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय जनता के बीच जाकर अपनी स्थिति मजबूत करनी चाहिए।
एनडीए को मजबूत करने की अपील
नड्डा ने भाजपा की चुनावी सफलताओं का उल्लेख करते हुए हरियाणा और महाराष्ट्र में लगातार तीसरी बार तथा उत्तर प्रदेश में लगातार दूसरी बार सरकार बनने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय जनता का विश्वास जीतने के लिए काम करना चाहिए। अंत में उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए एनडीए को मजबूत करने की अपील की।

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