पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बोले— बुंदेलखंड को वैश्विक ईको-टूरिज्म मानचित्र पर दिलाएंगे पहचान
देवेश प्रताप सिंह राठौर
लखनऊ/ललितपुर। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर महावीर स्वामी वन्यजीव अभ्यारण्य, देवगढ़ (ललितपुर) में उ.प्र. नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 का उद्घाटन किया। ‘वेटलैंड एंड ट्रेडिशनल नॉलेज: सेलिब्रेटिंग कल्चरल हेरिटेज’ थीम पर आयोजित इस फेस्टिवल को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग और वन विभाग संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश में ईको-टूरिज्म को शिखर पर पहुंचाने के लिए कटिबद्ध हैं। उन्होंने कहा- हमारा प्रयास है कि वैश्विक ईको-पर्यटन मानचित्र पर बुंदेलखंड को विशिष्ट स्थान प्राप्त हो। बर्ड फेस्टिवल इसकी आधारशिला है। जयवीर सिंह ने कहा कि ललितपुर का देवगढ़ क्षेत्र ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। यहां प्राचीन जैन मंदिर, बौद्ध गुफाएं, दशावतार मंदिर के साथ-साथ बेतवा नदी के किनारे जैव-विविधता और वन्यजीव संरक्षण का अद्भुत केंद्र है। उन्होंने कहा कि केवल देवगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरा ललितपुर पर्यटन आकर्षणों से भरा हुआ है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल के दौरान आमजन पक्षियों को देख सकते हैं, प्रकृति के बीच भ्रमण कर सकते हैं तथा आर्द्रभूमि संरक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का हिस्सा बन सकते हैं।
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड’ की दिशा में आगे बढ़ रहा प्रदेश
पर्यटन मंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल वेटलैंड डे के अवसर पर यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि केंद्र सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना और राज्य सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ योजना के बाद अब उत्तर प्रदेश ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड भविष्य के ब्रांड एंबेसडर भी तैयार कर रहा है। युवा टूरिज्म क्लबों के सदस्यों को विभिन्न अवसरों पर विस्टाडोम कोच, विभिन्न पक्षी विहारों सहित नजदीकी प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। विद्यालयों में प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में प्रारंभिक स्तर से ही पर्यावरण संरक्षण और ईको-टूरिज्म के प्रति जागरूकता विकसित की जा रही है।
रामसर साइट्स और टाइगर रिजर्व के पास पर्यटन सुविधाओं का विकास
जयवीर सिंह ने कहा कि हाल ही में हुई संयुक्त बैठक में वन विभाग ने बताया कि अब तक 52 वेटलैंड सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। इन स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं के विकास पर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 11 रामसर साइट्स और 4 टाइगर रिजर्व के आसपास पर्यटन सुविधाओं के विकास पर भी दोनों विभागों के बीच सहमति बनी है। उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विभिन्न राज्यों और देशों के टूर ऑपरेटरों एवं ट्रैवल व्यवसायियों की फैम ट्रिप आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से आए प्रतिनिधि न केवल राज्य के सौंदर्य से प्रभावित हुए हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश के डेस्टिनेशनों को अपनी आइटनरी में भी शामिल कर रहे हैं।
ललितपुर-झांसी में 24 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
पर्यटन मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बुंदेलखंड घरेलू और विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बने। इसी क्रम में पर्यटन विभाग ललितपुर और झांसी में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर तेजी से कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों जनपदों में लगभग 24 करोड़ रुपये की विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है।
युवा पीढ़ी को मिले समृद्ध प्राकृतिक विरासत: अरुण सक्सेना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण सक्सेना, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने कहा कि नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 उत्तर प्रदेश की समृद्ध जैव-विविधता, पक्षी संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल वेटलैंड्स, वन क्षेत्रों और प्रवासी पक्षियों की महत्ता को रेखांकित करता है, बल्कि नागरिकों, विशेषकर युवाओं को प्रकृति संरक्षण के लिए जागरूक और प्रेरित भी करता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को समृद्ध प्राकृतिक विरासत मिल सके।
‘नदियां, वेटलैंड्स और प्रवासी पक्षी हमारी धरोहर’: कृष्ण पाल मलिक
राज्य मंत्री कृष्ण पाल मलिक ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नदियां, वेटलैंड्स, वन क्षेत्र और प्रवासी पक्षी हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 यह संदेश देता है कि विकास तभी सार्थक है, जब वह प्रकृति के संतुलन के साथ हो। प्रदेश सरकार जैव-विविधता संरक्षण, पक्षी आवासों के संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान कॉफी टेबल बुक, सारस शीतकालीन गणना-2025 एवं अन्य प्रचार-प्रसार सामग्री का विमोचन किया गया। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।तकनीकी सत्रों के अंतर्गत ‘पक्षियों तथा उनके आवास संरक्षण’, ‘आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण’ और ‘जिम्मेदार ग्रामीण एवं ईको-पर्यटन संवर्धन’ विषयों पर तीन अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए। इसके साथ ही बर्डिंग एंड ट्रैकिंग तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने आयोजन स्थल पर लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में अरुण सक्सेना, मनोहर लाल पंथ, कृष्ण पाल मलिक, रामरतन कुशवाहा (विधायक, सदर ललितपुर), अनिल कुमार (प्रमुख सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग), पुष्प कुमार के. (निदेशक, इको), इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड, पर्यटन विभाग एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, प्रकृति प्रेमी, स्थानीय नागरिक तथा बर्डिंग एवं ट्रैकिंग से जुड़े विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।





