रामलीला के तीसरे दिन अहिल्या उद्धार और फुलवारी लीला का मंचन, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा पंडाल

उन्नाव, उत्तर प्रदेश। गंजमुरादाबाद नगर में आयोजित श्रीरामलीला महोत्सव के तीसरे दिन अहिल्या उद्धार, नगर दर्शन और फुलवारी लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम और लक्ष्मण गुरु महर्षि विश्वामित्र के साथ जनकपुर जा रहे थे। रास्ते में उन्हें महर्षि गौतम का सुनसान आश्रम दिखाई दिया। श्रीराम के पूछने पर विश्वामित्र ने उन्हें बताया कि देवराज इंद्र के छल के कारण महर्षि गौतम के शाप से अहिल्या पत्थर की शिला बन गई थीं। उन्हें शाप से मुक्ति तभी मिलनी थी, जब त्रेतायुग में भगवान श्रीराम के चरणों का स्पर्श उन्हें प्राप्त होगा। जैसे ही श्रीराम के चरणों का स्पर्श शिला से हुआ, अहिल्या शापमुक्त होकर अपने दिव्य स्वरूप में प्रकट हो गईं। उन्होंने भगवान श्रीराम की स्तुति कर उन्हें प्रणाम किया। इसके बाद महर्षि गौतम से उनका पुनर्मिलन हुआ और श्रीराम-लक्ष्मण जनकपुर की ओर आगे बढ़े। नगर दर्शन के बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण पुष्प वाटिका पहुंचे, जहां फूल लेने आईं माता सीता से उनका मिलन हुआ। पूरे मंचन के दौरान भक्ति संगीत और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्रद्धालु ‘जय श्रीराम’ के जयकारे लगाते रहे। इस अवसर पर श्रीरामलीला समिति के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *