महाराष्ट्र में बढ़ेंगे CET परीक्षा केंद्र, नए कॉलेज खोलने के लिए बनेगी उपसमिति

मुफ्त उच्च शिक्षा योजना के बाद इंजीनियरिंग में छात्राओं की हिस्सेदारी 32.72% से बढ़कर 37.27% हुई


मुंबई। महाराष्ट्र में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की सुविधाएं समान रूप से उपलब्ध कराने और नए महाविद्यालय खोलने की प्रक्रिया को गति देने के लिए विश्वविद्यालयों की पंचवर्षीय योजना से बाहर के स्थानों को शामिल करने की संभावनाओं की जांच हेतु एक उपसमिति गठित की जाएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रालय में महाराष्ट्र राज्य उच्च शिक्षा एवं विकास आयोग (MAHED) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इसके निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए महाविद्यालय शुरू करने के संबंध में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं से विश्वविद्यालयों को प्राप्त प्रस्तावों तथा पहले से शामिल स्थानों को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक वर्ष 2027-28 की वार्षिक योजना के लिए पंचवर्षीय योजना से बाहर के पात्र स्थानों की जांच की जाए। इसके लिए गठित उपसमिति सभी आवश्यक मानदंडों की पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। बैठक में कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) व्यवस्था को अधिक विद्यार्थी अनुकूल बनाने पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से मिलने वाले सुझावों और फीडबैक का स्वागत करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उनके निवास के नजदीक परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से CET केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए, लेकिन केंद्रों की संख्या बढ़ाते समय परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। परीक्षा केंद्रों पर CET सेल का प्रभावी नियंत्रण और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित करने को भी कहा गया। बैठक में राज्य की इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति पर राज्य सामाईक प्रवेश परीक्षा कक्ष के आयुक्त दिलीप सरदेसाई ने प्रस्तुति दी। इस दौरान बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा छात्राओं के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा की सुविधा शुरू किए जाने के बाद इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में छात्राओं की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शैक्षणिक वर्ष 2023-24 में कुल इंजीनियरिंग प्रवेश में छात्राओं की हिस्सेदारी 32.72 प्रतिशत थी, जो 2026-27 में बढ़कर 37.27 प्रतिशत हो गई है। बैठक में इसे सकारात्मक बदलाव बताते हुए छात्राओं की मुफ्त उच्च शिक्षा योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर विद्यार्थियों को प्रवेश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और विद्यार्थी अनुकूल बनाया जा सके, इसके लिए आवश्यक उपायों पर विचार किया गया। बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढा, उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत, विधायक अतुल भातखळकर, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. वेणुगोपाल रेड्डी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक डॉ. बी.एन. पाटील, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. शैलेंद्र देवळाणकर और महाराष्ट्र राज्य तकनीकी शिक्षा मंडल के निदेशक डॉ. प्रमोद नाईक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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