मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को मौत की सजा
नीले ड्रम में शव छिपाने के मामले में अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया, सजा पर सुनवाई के दौरान कम सजा देने की लगाई गुहार

मेरठ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड को लेकर अदालत के फैसले की खबर सामने आई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में पति की हत्या कर शव के टुकड़े नीले ड्रम में छिपाने के मामले में अदालत ने मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को दोषी ठहराया है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला, दोनों को फांसी की सजा सुनाई है। जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे ने भी इसकी पुष्टि की है। अदालत ने दोनों को 30 सितंबर को दोषी ठहराया था। इस प्रकार खबर में मृत्युदंड को पुष्ट तथ्य के रूप में प्रकाशित किया जा सकता है। मामला 3 मार्च 2025 का है। मेरठ के इंदिरा नगर क्षेत्र में सौरभ राजपूत की हत्या कर उसके शव को पांच टुकड़ों में काटने और नीले ड्रम में छिपाने की घटना सामने आई थी। इस हत्याकांड में सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को आरोपी बनाया गया था।
अदालत में दोनों ने की कम सजा की मांग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सजा के प्रश्न पर सुनवाई के दौरान मुस्कान और साहिल को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया। न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में दोनों से सजा को लेकर उनका पक्ष पूछा गया।
बताया गया कि मुस्कान ने अपने बच्चों का हवाला देते हुए कम से कम सजा देने की गुहार लगाई। वहीं, साहिल ने भी अदालत से नरमी बरतने का अनुरोध किया।
जुलाई 2025 से चल रही थी सुनवाई
सौरभ राजपूत हत्याकांड की सुनवाई जुलाई 2025 से जिला अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष ने हत्या और शव को छिपाने से संबंधित साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। इस मामले में अदालत द्वारा दोषसिद्धि और सजा के संबंध में पारित आदेश का विस्तृत विवरण महत्वपूर्ण होगा। विशेष रूप से मृत्युदंड की पुष्टि अदालत के आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए।
सौरभ के भाई ने की थी फांसी की मांग
अदालत में सुनवाई से पहले सौरभ के भाई राहुल उर्फ बब्लू ने आरोपियों के लिए कठोरतम सजा की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि जिस तरह सौरभ की हत्या की गई, उसे देखते हुए दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
