सरकारी अस्पतालों की दवाओं की गुणवत्ता जांचने के लिए महाराष्ट्र में महीनेभर चलेगा विशेष अभियान: मंत्री प्रकाश आबिटकर

मुंबई। महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को आपूर्ति की जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दवाओं की जांच के लिए ‘काउंटरफिट ड्रग डिटेक्शन डिवाइस’ का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए और निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार नियमित जांच की जाए। गुरुवार को आबिटकर स्वास्थ्य भवन में दवाओं की गुणवत्ता जांच को लेकर आयोजित बैठक में बोल रहे थे। बैठक में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. निपुण विनायक, स्वास्थ्य सचिव ई.रवींद्रन, स्वास्थ्य सेवा आयुक्त संजय काटकर, शहरी स्वास्थ्य सेवा आयुक्त डॉ. सुनील भोकरे और स्वास्थ्य निदेशक डॉ. नितीन अंबाडेकर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, विशेषज्ञों की मौजूदगी में उपकरण का मूल्यांकन करने के बाद राज्य के आठ परिमंडलों को एक-एक उपकरण उपलब्ध कराया गया है। उपसंचालक कार्यालयों के वरिष्ठ औषध निर्माण अधिकारियों को महाराष्ट्र चिकित्सा वस्तु खरीद प्राधिकरण के माध्यम से इसे चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। अब प्रत्येक परिमंडल में जिलावार जांच का कार्यक्रम तय कर स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की जांच की जाएगी। अधिकारियों को जांच की प्रक्रिया, उसके अनुपालन, जांची गई दवाओं की संख्या और विस्तृत रिपोर्ट हर सप्ताह प्रस्तुत करनी होगी।
नए और पुराने दवा भंडार से लिए जाएंगे नमूने
स्वास्थ्य विभाग के सभी आठ परिमंडलों में अगले एक महीने तक विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान नई प्राप्त दवाओं के साथ स्वास्थ्य संस्थानों में पहले से मौजूद दवाओं के नमूने भी यादृच्छिक तरीके से जांचे जाएंगे। प्राथमिक जांच, नमूनों को आगे की जांच के लिए भेजने, पुष्टि रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई करने और रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारियां अलग-अलग तय की जाएंगी। मंत्री ने संबंधित कर्मचारियों को दवाओं के नमूनों की जांच, उपकरण चलाने, नतीजों का विश्लेषण करने और रिकॉर्ड प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने को कहा। उन्होंने अस्पताल और खरीद व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों को संयुक्त टीमें बनाकर जांच करने के निर्देश भी दिए। उपकरणों के इस्तेमाल की निगरानी अस्पताल स्तर के संबंधित कक्ष के माध्यम से की जाएगी।
