नागपुर में बनेगा संत रविदास महाराज का स्मारक और सभागृह, सरकार देगी निधि: मुख्यमंत्री फडणवीस
चर्मकार समाज के विद्यार्थियों के लिए शुरू होगी आधुनिक ई-लाइब्रेरी, LIDCOM का BARTI और ARTI की तर्ज पर होगा पुनर्गठन

नागपुर। चर्मकार समाज की शैक्षणिक और सामाजिक प्रगति के लिए महाराष्ट्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर के निकट बाबुळखेडा परिसर में श्री संत रविदास महाराज का स्मारक और सभागृह बनाया जाएगा, जिसके निर्माण के लिए राज्य सरकार निधि उपलब्ध कराएगी। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए आधुनिक ई-लाइब्रेरी शुरू की जाएगी। रविवार को संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम भी व्यापक स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री महाल स्थित शिक्षक सहकारी बैंक के सभागृह में स्व. श्रीमती भानुताई गडकरी की स्मृति में चर्मकार सेवा संघ की ओर से आयोजित गुणवंत विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने की। विधायक कृष्णा खोपडे, महाराष्ट्र राज्य सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष सतीश डागोर, पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी और चर्मकार सेवा संघ के संस्थापक अध्यक्ष भैयासाहेब बिघाने सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह में दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में 65 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 495 मेधावी विद्यार्थियों को मानपत्र और सम्मानचिह्न देकर सम्मानित किया गया। समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाले नागरिकों का भी सम्मान किया गया।
युवाओं के रोजगार और प्रशिक्षण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि संत रोहिदास चर्मोद्योग व चर्मकार विकास महामंडल (LIDCOM) का नए सिरे से पुनर्गठन किया जाएगा। इसे BARTI और ARTI की तर्ज पर विकसित कर चर्मकार समाज के युवाओं को प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज का वास्तविक विकास और स्थायी प्रगति संभव है। मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान महज औपचारिकता नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संत रविदास महाराज के विचारों पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार का लक्ष्य है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने युवाओं से केवल पारंपरिक डिग्रियों पर निर्भर रहने के बजाय कौशल आधारित शिक्षा अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने चर्मोद्योग और पारंपरिक कलाओं में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी सफलता की परंपरा बनाए रखते हुए देश और समाज के विकास में योगदान देने के लिए शुभकामनाएं दीं।
