आजाद मैदान में आंदोलनरत 1,700 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों से मिलीं महापौर रितू तावडे, मांगें पूरी कराने का दिया आश्वासन
10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को स्थायी करने के लिए विशेष नीति बनाने के निर्देश, वेतनवृद्धि, मातृत्व अवकाश और दिवाली बोनस की मांगों पर भी पहल

मुंबई, 5 अक्टूबर। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) के अंतर्गत कार्यरत 1,700 से अधिक आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में जारी आंदोलन के बीच महापौर रितू तावडे ने सोमवार शाम आंदोलन स्थल का दौरा किया। उन्होंने कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी जायज मांगों को पूरा कराने के लिए महानगरपालिका तथा राज्य सरकार के स्तर पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर नगरसेवक रोहिदास लोखंडे भी उपस्थित थे।महापौर तावडे ने कर्मचारियों की मांगों के संबंध में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) को विस्तृत पत्र भेजकर जल्द से जल्द उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। पत्र में उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान इन स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मुंबईकरों की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। ऐसे में उनके अनुभव और सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनकी लंबित मांगों का समाधान किया जाना आवश्यक है।महापौर ने निर्देश दिए कि जिन अनुभवी आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सरकारी सेवा में 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं, उन्हें नियमित अथवा स्थायी सेवा में शामिल करने के लिए एकमुश्त विशेष नीति (One-Time Policy) तैयार की जाए। इसके तहत कर्मचारियों को रिक्त पदों पर समायोजित करने का व्यापक प्रस्ताव बनाकर महानगरपालिका और राज्य सरकार की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाए। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर पहले से तैयार प्रस्तावों को भी गति दी जाए।उन्होंने संशोधित न्यूनतम वेतन लागू कर कर्मचारियों को सीधे वेतनवृद्धि का लाभ देने, महिला कर्मचारियों को सवेतन मातृत्व अवकाश प्रदान करने और दिवाली अनुग्रह अनुदान के संबंध में राज्य सरकार से आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने के निर्देश दिए। इसके अलावा भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के कानूनी लाभ निर्धारित समय पर उपलब्ध कराने को भी कहा।महापौर ने कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी करने वाली ठेकेदार संस्था मेसर्स डी. एस. एंटरप्राइजेज को कड़ी चेतावनी देने तथा कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में कर्मचारियों के लिए शिकायत निवारण समिति गठित कर उसे सक्रिय करने के निर्देश भी दिए हैं।आंदोलनकारी कर्मचारियों से बातचीत के दौरान महापौर रितू तावडे ने कहा कि कोविड काल में इन कर्मचारियों ने दिन-रात काम किया था और महानगरपालिका उनके योगदान से भलीभांति परिचित है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक समाधान हो, इसके लिए वह स्वयं राज्य सरकार और महानगरपालिका प्रशासन के समक्ष लगातार प्रयास कर रही हैं।
