
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने मखाना किसानों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की। इससे मखाना किसानों को बेहतर बाजार और आधुनिक तकनीक मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
मखाना बोर्ड के गठन से किसानों को होगा फायदा
वित्त मंत्री ने कहा, “बिहार में मखाना बोर्ड बनाया जाएगा, जो मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को बेहतर बनाएगा।” सरकार FPO (किसान उत्पादक संगठन) के रूप में मखाना किसानों को संगठित करेगी, जिससे वे आधुनिक तकनीक और प्रोसेसिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
बिहार का मखाना पहुंचेगा हर थाली तक
सीतारमण ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बिहार का मखाना हर भारतीय की थाली तक पहुंचे। बोर्ड के गठन से प्रोसेसिंग कंपनियों को भी फायदा होगा और किसानों को सीधा बाजार मिलेगा।
बिहार के इन जिलों में होती है मखाना की खेती
बिहार में मखाना उत्पादन मुख्य रूप से उत्तर और पूर्वी जिलों में होता है, जिनमें पूर्णिया, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, सीतामढ़ी और किशनगंज प्रमुख हैं। मखाना बोर्ड बनने से इन जिलों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार की नई पहल से मखाना उद्योग को मिलेगी नई उड़ान
बिहार में मखाना उद्योग को संगठित करने और उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार का यह कदम अहम माना जा रहा है। इससे मखाना किसानों को आधुनिक मशीनों और संसाधनों तक पहुंच मिलेगी, जिससे उत्पादन और उनकी आमदनी में इजाफा होगा।




