महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के बड़े फैसले: डेढ़ करोड़ किसानों को दिवाली से पहले ₹5,000 की अग्रिम सहायता
7,500 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी; सिंचाई विभाग में 39,722 पदों का ढांचा स्वीकृत, पुणे में भारत मंडपम की तर्ज पर बनेगा प्रदर्शनी केंद्र

मुंबई। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में मंगलवार को किसानों, सिंचाई, उद्योग, दिव्यांग कल्याण, इलेक्ट्रिक वाहन और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सबसे प्रमुख निर्णय के तहत राज्य के सूखाग्रस्त 304 तालुकों के करीब डेढ़ करोड़ किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता देने के लिए 7,500 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी गई है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।
सूखाग्रस्त किसानों को मिलेगी अग्रिम सहायता
सरकार के अनुसार, जिन किसानों की फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है, उन्हें 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता दी जाएगी। फसल नुकसान के आधार पर मिलने वाली सहायता के लिए फसल वर्गीकरण और क्षेत्रवार विवरण को सर्वेक्षण के जरिए अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। 1 नवंबर 2025 से अब तक विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत ई-केवाईसी करा चुके किसानों को दोबारा ई-केवाईसी कराने की जरूरत नहीं होगी। जिन वनपट्टाधारक किसानों को अभी तक एग्रीस्टैक किसान पहचान संख्या (फार्मर आईडी) नहीं मिली है, उन्हें ई-केवाईसी के आधार पर अग्रिम सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
पीपीपी नीति 2026 में संशोधन
मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) नीति 2026 में संशोधन को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट बनाना और विभिन्न चरणों में स्वीकृति की प्रक्रिया सरल करना है। सरकार के अनुसार, इससे सार्वजनिक-निजी भागीदारी वाली परियोजनाओं के अनुमोदन में सुगमता आएगी।
सिंचाई विभाग में 39,722 पदों का ढांचा मंजूर
राज्य के जल संसाधन विभाग के लिए 39,722 पदों के आकृतिबंध को मंजूरी दी गई है। इसमें 110 अतिरिक्त सिंचाई शाखाएं शामिल हैं। नदी जोड़ परियोजना के लिए मुख्य अभियंता (सिविल) का पद तथा पांच निगमों के लिए भूमि अधिग्रहण, कृषि और सामाजिक बदलाव से जुड़े विशेषज्ञों के कार्यकारी अभियंता स्तर के 15 पद बनाने को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा सिंचाई सहायक का नया पद भी बनाया जाएगा। सरकार के मुताबिक, 2016 के अंत तक राज्य में 45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचाई के अंतर्गत था, जो बढ़कर 2025 के अंत तक 58 लाख हेक्टेयर हो गया। बढ़े हुए सिंचाई क्षेत्र के प्रबंधन के लिए 110 अतिरिक्त शाखाओं सहित कुल 1,450 सिंचाई शाखा कार्यालयों के लिए पद सृजित करने को मंजूरी दी गई है।
पुणे में भारत मंडपम की तर्ज पर प्रदर्शनी केंद्र
पुणे महानगरपालिका क्षेत्र के लोहगांव में राष्ट्रीय स्तर का प्रदर्शनी केंद्र स्थापित करने के लिए जमीन के आरक्षण में बदलाव को मंजूरी दी गई। केंद्र सरकार के भारत मंडपम की तर्ज पर राज्य की बृहन्मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर, पुणे और नासिक महानगरपालिकाओं की विकास योजनाओं में ऐसे केंद्रों के लिए कम से कम 30 एकड़ जमीन आरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुणे महानगरपालिका ने इसके लिए लोहगांव के सर्वे नंबर 236 और 238 की जमीन चुनी है।
बजाज ऑटो को 66.82 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन
महाराष्ट्र इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2021 के तहत बजाज ऑटो लिमिटेड को विशेष मामले के रूप में 66 करोड़ 82 लाख रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन देने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। इस नीति के तहत नए इलेक्ट्रिक वाहनों की विभिन्न श्रेणियों के लिए प्रोत्साहन निर्धारित हैं। यह राशि वाहन निर्माता कंपनियों के माध्यम से वाहन खरीददारों को बिक्री के समय दी जाती है और बाद में निर्माता सरकार से इसकी मांग करते हैं।
चिपी-नवी मुंबई हवाई सेवा को सहायता
सिंधुदुर्ग जिले के वेंगुर्ला तालुका स्थित चिपी हवाई अड्डे से यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए चिपी-नवी मुंबई-चिपी हवाई मार्ग पर 100 प्रतिशत व्यवहार्यता अंतर निधि (वायबिलिटी गैप फंडिंग) उपलब्ध कराने को मंजूरी दी गई है।
सूतगिरनी परियोजना के लिए 118 करोड़ रुपये मंजूर
लातूर जिले के अहमदपुर तालुका के शिरूर ताजबंद स्थित श्री मल्हारराव होलकर भटक्या-विमुक्त जमाती सहकारी सूतगिरनी को सरकारी वित्तीय सहायता देने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने इस सूतगिरनी की 118 करोड़ रुपये की परियोजना लागत को स्वीकृति प्रदान की।
दिव्यांग कल्याण के लिए जिला योजना का एक प्रतिशत फंड
दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण, पुनर्वास और सशक्तीकरण के लिए जिला वार्षिक योजना के तहत एक प्रतिशत निधि का उपयोग करने और इसके लिए निर्धारित कार्यप्रणाली को मंजूरी दी गई। नियोजन विभाग ने 10 फरवरी 2025 को जिला वार्षिक योजना (सामान्य) के अंतर्गत दिव्यांग व्यक्तियों के पुनर्वास और सशक्तीकरण के लिए एक प्रतिशत निधि आरक्षित रखने का निर्णय लिया था।
जिला परिषद के प्रशासनिक संवर्गों का विलय
राज्य की जिला परिषदों में लिपिकीय समूह-क संवर्ग के कनिष्ठ प्रशासन अधिकारी और सहायक प्रशासन अधिकारी के दो संवर्गों को मिलाकर सहायक प्रशासन अधिकारी का एक संवर्ग बनाने को मंजूरी दी गई। इसके लिए महाराष्ट्र जिला परिषद सेवा (सेवाप्रवेश) नियम, 1967 में संशोधन किया जाएगा। नए संवर्ग के कार्यों का आवंटन जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के स्तर पर किया जाएगा।
औद्योगिक विस्तार के लिए 289.69 हेक्टेयर जमीन
धुले जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए रावेर स्थित 289.69 हेक्टेयर जमीन महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) को औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए देने की मंजूरी दी गई।
खेत-पगडंडी सड़क योजना में बदलाव
राज्य में खेत-पगडंडी सड़कों के निर्माण में तेजी लाने और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना तथा राज्य रोजगार गारंटी योजना के तहत उपलब्ध निधि का बेहतर उपयोग करने के लिए मातोश्री ग्रामसमृद्धि शेत-पाणंद सड़क योजना की खर्च सीमा में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। सरकार का उद्देश्य काम में देरी रोकना तथा मजदूरों की उपलब्धता और कुशल श्रम की जरूरतों के अनुसार योजना को अधिक प्रभावी बनाना है।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन
मंत्रिमंडल ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2014 में संशोधन करने को भी मंजूरी दी। संशोधन के विस्तृत प्रावधानों की जानकारी उपलब्ध होने पर उनके प्रभाव और लागू होने की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
