महाराष्ट्र की उमरडा गाय और माडग्याळ भेड़ को मिली राष्ट्रीय पहचान

राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो ने दी पंजीकृत मान्यता, धनगर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पशुधन संवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे का किया सम्मान
मुंबई। महाराष्ट्र की ‘उमरडा’ गाय को स्वतंत्र देशी गोवंश और ‘माडग्याळ’ भेड़ को स्वतंत्र आधिकारिक नस्ल के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकृत मान्यता मिली है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो द्वारा यह मान्यता दिए जाने के बाद जत तालुका के धनगर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पशुधन संवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे का सम्मान किया। विधायक गोपीचंद पडळकर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री पंकजा मुंडे को पारंपरिक घोंगड़ी, काठी और माडग्याळ भेड़ की प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर पंकजा मुंडे ने कहा कि माडग्याळ भेड़ को राष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र और आधिकारिक नस्ल के रूप में मान्यता मिलना महाराष्ट्र के पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस मान्यता से माडग्याळ भेड़ के संरक्षण, संवर्धन और आनुवंशिक सुधार से जुड़े कार्यक्रमों को नई गति मिलेगी। माडग्याळ भेड़ महाराष्ट्र के सांगली क्षेत्र, विशेषकर जत और आसपास के इलाकों में पशुपालकों के बीच लंबे समय से महत्वपूर्ण स्थान रखती है। आधिकारिक पंजीकरण से नस्ल की विशिष्ट आनुवंशिक पहचान के संरक्षण के साथ वैज्ञानिक प्रजनन और संवर्धन कार्यक्रमों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। उमरडा गाय को स्वतंत्र देशी गोवंश के रूप में मिली मान्यता से भी स्थानीय पशुधन के संरक्षण और नस्ल सुधार से संबंधित प्रयासों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। सरकार का जोर राज्य की स्थानीय पशु नस्लों की पहचान को संरक्षित करते हुए पशुपालकों को उनके संवर्धन से जोड़ने पर है।
