महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के ऑनलाइन पोर्टल से छेड़छाड़, 22 विदेशी मेडिकल स्नातकों के पंजीकरण पर संदेह
फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद महाराष्ट्र साइबर ने शुरू की जांच, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

मुंबई। महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) में विदेशी मेडिकल स्नातकों (FMG) के पंजीकरण के दौरान फर्जी दस्तावेजों के कथित इस्तेमाल और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल से छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। परिषद की आंतरिक जांच में 22 संदिग्ध विदेशी मेडिकल स्नातकों के पंजीकरण से जुड़ी अनियमितताओं का पता चला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल ने महाराष्ट्र साइबर के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के अनुसार, परिषद की आंतरिक जांच और पंजीकरण अभिलेखों की छानबीन के दौरान यह अनियमितता सामने आई। प्रारंभिक जांच में 22 विदेशी मेडिकल स्नातकों के पंजीकरण संदिग्ध पाए गए। इसके बाद ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए गए। परिषद ने संबंधित व्यक्तियों को अपने मूल शैक्षणिक और पंजीकरण दस्तावेजों के साथ सत्यापन के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं, ताकि दस्तावेजों की प्रामाणिकता और पंजीकरण की वैधता की जांच की जा सके। मामले की विस्तृत जांच के लिए महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल ने 14 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र साइबर के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। परिषद के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और आगे की जांच जारी है। परिषद ने जांच एजेंसी को पूरा सहयोग देने की बात कही है। महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि चिकित्सा व्यवसाय में नैतिकता, कानूनी मानकों और डॉक्टरों के पंजीकरण की विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मेडिकल पंजीकरण प्राप्त करने अथवा ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली से छेड़छाड़ करने जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिषद ने चेतावनी दी है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल अधिनियम, 1965 और अन्य लागू कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। परिषद के अनुसार, मेडिकल पंजीकरण व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यह तय करना है कि महाराष्ट्र में केवल योग्य एवं विधिवत सत्यापित डॉक्टर ही चिकित्सा व्यवसाय करें। पंजीकरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता इस व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल ने नागरिकों से अपील की है कि वे उपचार कराने से पहले संबंधित डॉक्टर के पंजीकरण की पुष्टि परिषद की आधिकारिक वेबसाइट से करें। यदि किसी डॉक्टर के पंजीकरण या दस्तावेजों को लेकर संदिग्ध जानकारी सामने आती है, तो इसकी सूचना तत्काल परिषद को दें। फिलहाल 22 संदिग्ध पंजीकरणों की जांच जारी है। संबंधित व्यक्तियों की भूमिका, दस्तावेजों की प्रामाणिकता और ऑनलाइन पोर्टल से छेड़छाड़ के पूरे मामले की वास्तविक स्थिति महाराष्ट्र साइबर की जांच के बाद स्पष्ट होगी।
