
मुंबई। मुंबई के घाटकोपर इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने वाली खाकी एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। यहां एक ट्रैफिक कांस्टेबल को ऑटो रिक्शा चालकों से जबरन वसूली करने के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।जानकारी के अनुसार, घाटकोपर ट्रैफिक डिवीजन में तैनात कांस्टेबल सतीश राठौड़ पर आरोप है कि वह अपनी वर्दी का रौब दिखाकर ऑटो चालकों से हर महीने 1500 से 2000 रुपये तक की अवैध वसूली करता था। आरोप है कि वह फर्जी चालान करने और लाइसेंस रद्द कराने की धमकी देकर ड्राइवरों को डराता था। जो चालक पैसे देने से मना करते, उन्हें बेवजह परेशान किया जाता था। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक ऑटो चालक ने हिम्मत दिखाते हुए ACB में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर ACB ने जाल बिछाया और 24 अप्रैल को जैसे ही कांस्टेबल ने करीब 1700 रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के साथ ही उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद अब ACB यह भी जांच कर रही है कि क्या यह वसूली का खेल अकेले किया जा रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है। अधिकारियों का मानना है कि जांच में और भी नाम सामने आ सकते हैं। यह घटना न केवल पुलिस की छवि को धूमिल करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती और जनभागीदारी कितनी जरूरी है। ACB ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो बिना डर के इसकी शिकायत करें, ताकि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।




