नाना पाटेकर के निधन से भावुक हुईं हेमा मालिनी, बोलीं— उनका आखिरी फोन आया था, लेकिन बात नहीं हो सकी

75 वर्ष की उम्र में दिग्गज अभिनेता का निधन, हेमा मालिनी ने कहा— हिंदी और मराठी सिनेमा ने खो दिया एक अनमोल कलाकार

मुंबई। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। 75 वर्षीय अभिनेता का 8 अक्टूबर को गोवा में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी भी गहरे सदमे में हैं। उन्होंने नाना पाटेकर को याद करते हुए एक भावुक खुलासा किया कि निधन से कुछ दिन पहले अभिनेता ने उन्हें फोन किया था, लेकिन यात्रा के दौरान व्यस्त होने के कारण वह उनसे बात नहीं कर सकीं। हेमा मालिनी ने एक बातचीत में बताया कि कुछ दिन पहले नाना पाटेकर का फोन आया था और उनकी बातचीत भी हुई थी। इसके बाद करीब एक सप्ताह पहले फिर उनका फोन आया, लेकिन उस समय वह यात्रा कर रही थीं, इसलिए बातचीत नहीं हो पाई। हेमा मालिनी ने कहा- कुछ दिन पहले उनका फोन आया था और हमने बात की थी। लगभग एक सप्ताह पहले भी उनका फोन आया था, लेकिन मैं यात्रा कर रही थी, इसलिए बात नहीं हो सकी। जब आज उनके निधन की खबर सुनी तो मैं स्तब्ध रह गई। हेमा मालिनी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अभिनेता की असाधारण अभिनय प्रतिभा, हिंदी और मराठी फिल्मों में उनके योगदान तथा सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि फिल्म उद्योग ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिन्होंने अपनी विशिष्ट अभिनय शैली से अलग पहचान बनाई और जिन्हें अभिनय की एक संस्था माना जाता था। हेमा मालिनी ने विशेष रूप से नाम फाउंडेशन के माध्यम से किसानों और वंचित समुदायों की सहायता के लिए किए गए नाना पाटेकर के कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि नाना ने अभिनय के साथ समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए भी निरंतर काम किया। अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें नाना पाटेकर की फिल्में और अलग-अलग किरदार निभाने का उनका अनोखा अंदाज बेहद पसंद था। उन्होंने यह भी याद किया कि नाना पाटेकर ने कभी उन्हें क्लासिक सिनेमा की अपनी पसंदीदा अभिनेत्री बताया था। हेमा मालिनी के अनुसार, नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में ऐसी विरासत छोड़ी है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। फिल्म उद्योग को उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।
गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन
नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर की सुबह गोवा के डोना पाउला स्थित आवास पर तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया। उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित कर दिया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने निधन की जानकारी दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट को मौत का कारण बताया गया। उनका अंतिम संस्कार पुणे के निकट डोणजे स्थित फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। बेटे मल्हार पाटेकर ने अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं।
दमदार अभिनय और यादगार संवादों से बनाई अलग पहचान
1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र में जन्मे नाना पाटेकर ने वर्ष 1978 में फिल्म ‘गमन’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। अपने प्रभावशाली अभिनय, विशिष्ट संवाद अदायगी और जटिल किरदारों को जीवंत करने की क्षमता के कारण उन्होंने फिल्म उद्योग में अलग पहचान बनाई। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘वजूद’, ‘यशवंत’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’, ‘टैक्सी नंबर 9211’ और मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ जैसी अनेक यादगार फिल्मों में अभिनय किया। गंभीर भूमिकाओं के साथ हास्य अभिनय में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई। फिल्म ‘वेलकम’ और ‘वेलकम बैक’ में गैंगस्टर उदय शेट्टी का उनका किरदार दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित नाना पाटेकर ने अभिनय के साथ सामाजिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशेष रूप से किसानों की सहायता के लिए नाम फाउंडेशन के माध्यम से किए गए उनके प्रयासों को याद किया जा रहा है। नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिन्होंने अपने अभिनय, स्पष्टवादी व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों से दर्शकों के दिलों में स्थायी स्थान बनाया।

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