टाइगर श्रॉफ फायरिंग से लेकर किसानों तक: दशहरा मेले में उद्धव ठाकरे का सरकार पर तीखा हमला
फडणवीस को लॉरेंस बिश्नोई पर कार्रवाई की चुनौती, बोले— पुलिस की सफलता घटना रोकने में होती, बाद में आरोपी पकड़ने में नहीं

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित दशहरा मेले में राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ कार्रवाई की चुनौती दी। ठाकरे ने कहा कि टाइगर श्रॉफ हमले में बाल-बाल बच गए और पुलिस ने बाद में हमलावरों को पकड़ लिया, लेकिन असली सवाल यह है कि हथियार लेकर आरोपी मुंबई तक पहुंचे कैसे। उन्होंने कहा कि अगर गोली अभिनेता को लग जाती और उसके बाद आरोपी पकड़े जाते, तो ऐसी कार्रवाई का क्या अर्थ रह जाता। उन्होंने पुलिस नाकाबंदी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उद्धव ठाकरे ने कहा कि किसी घटना के बाद आरोपियों को गिरफ्तार करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी वारदातों को होने से पहले रोकना जरूरी है। उन्होंने सवाल किया कि नवरात्र और दशहरा जैसे त्योहारों के दौरान कड़ी सुरक्षा और नाकाबंदी के बावजूद हथियार लेकर हमलावर शहर में कैसे घूमते रहे। टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा गया है और जांच आगे बढ़ रही है। लॉरेंस बिश्नोई का जिक्र करते हुए ठाकरे ने फडणवीस को चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है तो साबरमती जेल में बंद बिश्नोई को महाराष्ट्र लाकर पूछताछ करें। उन्होंने बिश्नोई गिरोह के कथित बड़े नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि बिश्नोई को गुजरात की साबरमती जेल से अन्य राज्य में ले जाने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़े विशेष प्रतिबंध और कानूनी प्रक्रियाएं लागू हैं। ठाकरे ने राज्य सरकार द्वारा अदालत में कथित तौर पर महाराष्ट्र में “शहरी नक्सलवाद” से जुड़े दावे का भी उल्लेख किया और पूछा कि राज्य के किस शहर को इसका केंद्र बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधियों और अवैध हथियारों की आवाजाही रोकने पर सरकार को अधिक ध्यान देना चाहिए। अपने राजनीतिक भाषण में ठाकरे ने भाजपा के साथ पुरानी साझेदारी का भी जिक्र किया और दोहराया कि गठबंधन में उनके “25 वर्ष बर्बाद हुए।” उन्होंने युवा आंदोलनों का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी पार्टी अभिजीत दीपके और प्रदर्शनकारी युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने “जेन-जी” युवाओं के आंदोलनों को परिवर्तन की आवाज बताया। किसानों के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे ने सरकार की सहायता राशि पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक सत्ता बचाने के लिए बड़ी रकम खर्च की जाती है, जबकि संकटग्रस्त किसानों को पांच हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने इसे किसानों के साथ अन्याय बताया। यह उनका राजनीतिक आरोप है; सरकार की ओर से किसानों के लिए राहत और सूखा सहायता के अलग-अलग उपाय घोषित किए गए हैं। ठाकरे ने हिंदुत्व को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवाओं और महिलाओं के साथ हिंसा या दमन हिंदुत्व नहीं हो सकता। उन्होंने दावा किया कि भाजपा शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे द्वारा जागृत किए गए हिंदुत्व का राजनीतिक लाभ लेकर सत्ता तक पहुंची। दशहरा मेले में उद्धव ठाकरे का भाषण मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था, किसानों की स्थिति, युवा आंदोलनों, हिंदुत्व और केंद्र-राज्य सरकार की नीतियों पर केंद्रित रहा। उन्होंने समर्थकों से राजनीतिक परिवर्तन के लिए संगठित रहने का आह्वान किया।
