MPSC ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामले में चार और गिरफ्तार, दो उम्मीदवार भी शामिल
अब तक अधिकारियों, बिचौलियों और उम्मीदवारों समेत 11 गिरफ्तार, पेपर लीक नेटवर्क की अन्य कड़ियां तलाश रही मुंबई क्राइम ब्रांच

मुंबई। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच ने दो उम्मीदवारों और दो कथित बिचौलियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार उम्मीदवारों की पहचान साजिद संडे और विजय किंगर के रूप में हुई है। साजिद को सांगली और विजय को बुलढाणा से गिरफ्तार किया गया। वहीं कथित बिचौलियों संदीप खलाटे और भैरवनाथ कदम को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने मामले में अंडर सेक्रेटरी अभिजीत लेंदवे, कॉन्फिडेंशियल सेक्शन में कार्यरत असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर विश्वेश्वर नकाते, असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर गोपाल मराठे, कौटिल्य एकेडमी के डायरेक्टर प्रवीण पाटिल, कथित बिचौलियों अमृत पाटिल और लोकेश उर्फ गौरव पाटिल तथा उम्मीदवार रुतुजा पाटिल को गिरफ्तार किया था। चार नई गिरफ्तारियों के बाद मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या 11 हो गई है। MPSC ने 22 मार्च 2026 को महाराष्ट्र के छह परीक्षा केंद्रों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के तहत ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B के 154 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी। जांच के अनुसार, परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता से कथित तौर पर समझौता किया गया और सरकारी कर्मचारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी का दुरुपयोग किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि आर्थिक लाभ के लिए बिना अनुमति प्रश्नपत्रों का कथित रूप से आदान-प्रदान किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मुंबई क्राइम ब्रांच अब पेपर लीक नेटवर्क में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की भूमिका और प्रश्नपत्र उम्मीदवारों तक पहुंचने की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
