गणेश विसर्जन में 23 देशों के विदेशी पर्यटक हुए शामिल, ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गूंजा गिरगांव चौपाटी

पारंपरिक महाराष्ट्रीयन वेशभूषा में विदेशी मेहमानों ने की बप्पा की आरती, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बोले— महाराष्ट्र पर्यटन ने गणेशोत्सव को दिया अंतरराष्ट्रीय स्वरूप

मुंबई। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर मुंबई के गिरगांव चौपाटी पर आयोजित गणेश विसर्जन समारोह में इस बार बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों ने भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। दुनिया के 23 देशों से आए अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों और मेहमानों ने गणपति बप्पा की आरती की, विसर्जन यात्रा देखी और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष में शामिल होकर महाराष्ट्र की संस्कृति और परंपराओं का अनुभव किया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सहयोग से महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा हर वर्ष की तरह गिरगांव चौपाटी पर विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष दीर्घा बनाई गई थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस विशेष दीर्घा का दौरा किया और पर्यटन विभाग द्वारा की गई व्यवस्था की सराहना की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि गणेशोत्सव महाराष्ट्र का राज्योत्सव है और महाराष्ट्र पर्यटन विभाग ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों ने गणेश विसर्जन समारोह में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। यहां का माहौल और आयोजन देखकर विदेशी पर्यटक अभिभूत नजर आए। हजारों लोगों की मौजूदगी के बावजूद अनुशासित तरीके से संपन्न हो रहे गणेश विसर्जन को देखना उनके लिए विशेष अनुभव रहा। समारोह में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढा, बृहन्मुंबई की महापौर रितू तावडे, बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे और पर्यटन संचालनालय के निदेशक विकास पानसरे सहित अन्य अधिकारी तथा विदेशी पर्यटक उपस्थित रहे।
थाईलैंड के पर्यटक भी बप्पा की आरती में हुए शामिल
गणेश विसर्जन के भव्य समारोह को देखने पहुंचे थाईलैंड के पर्यटक गणपति की आरती में शामिल हुए। विभिन्न देशों से आए पर्यटकों को गणेश विसर्जन यात्रा की भव्यता देखने के साथ गणराय की पूजा करने, आरती में शामिल होने और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष का हिस्सा बनने का अवसर मिला। कई विदेशी पर्यटक पारंपरिक महाराष्ट्रीयन वेशभूषा में नजर आए और ढोल-ताशों के बीच भक्तिमय माहौल में महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू हुए। इटली से आए पर्यटक मार्को ने कहा कि उन्होंने पहली बार ऐसा समारोह देखा है। उनके मुताबिक यह उत्सव श्रद्धा, एकता और आनंद का संगम है। लाखों लोगों को एक स्वर में ‘गणपति बप्पा मोरया’ का जयघोष करते देखकर यह अनुभव उनके लिए भावुक करने वाला रहा। फिनलैंड से आई पर्यटक जॉना सुनी ने गणेश विसर्जन को अनोखा और भावस्पर्शी अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि ढोल-ताशों की गूंज, पारंपरिक वेशभूषा, भक्तिमय वातावरण और लोगों के उत्साह से उन्हें महाराष्ट्र की संस्कृति की भव्यता का अनुभव हुआ। कई विदेशी पर्यटकों ने गणपति की आकर्षक मूर्तियों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और विसर्जन के यादगार पलों को अपने कैमरों में कैद किया। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने कहा कि गणेशोत्सव महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। विदेशी पर्यटकों को इसमें शामिल करना महाराष्ट्र की परंपराओं को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास है और इससे राज्य के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन निदेशक विकास पानसरे ने कहा कि विशेष दीर्घा के माध्यम से विदेशी पर्यटकों को न केवल विसर्जन यात्रा करीब से देखने का अवसर मिला, बल्कि वे गणेशोत्सव की वास्तविक भावना से भी जुड़े। उनके मुताबिक गिरगांव चौपाटी का यह

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