महाराष्ट्र में सूखे की पहली अधिसूचना जल्द: सीएम फडणवीस बोले- किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार
लातूर-धाराशिव में फसल और पानी की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री, पेयजल और पशु चारे के लिए सूक्ष्म नियोजन, किसान कर्जमुक्ति योजना के लिए पर्याप्त निधि देने का भरोसा

लातूर। महाराष्ट्र में गंभीर होती सूखे की स्थिति के बीच राज्य सरकार जल्द ही सूखे की पहली अधिसूचना जारी करेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को लातूर पहुंचने के बाद कहा कि सरकार ने मौजूदा हालात को बेहद गंभीरता से लिया है और किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। सूखे से निपटने के लिए आवश्यक उपायों पर सरकार के स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लातूर और धाराशिव जिलों में फसल एवं पानी की स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस बुधवार, 23 सितंबर को लातूर पहुंचे। लातूर हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सूखे से संबंधित रिपोर्ट सरकार को प्राप्त हो चुकी हैं और मौजूदा स्थिति अत्यंत गंभीर है। सरकार किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखे की पहली अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी। इससे पहले उन्होंने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद भी कहा था कि उपलब्ध प्राथमिक जानकारी के आधार पर पहली अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर बाद में अन्य प्रभावित क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। फडणवीस ने कहा कि किसानों को राहत पहुंचाने के साथ पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। इसके लिए जितनी निधि आवश्यक होगी, सरकार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने सूखे की स्थिति में पेयजल और पशुओं के चारे जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए सूक्ष्म स्तर पर नियोजन किए जाने की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने लातूर जिले के प्रभावित क्षेत्रों में खेतों का दौरा कर फसल की स्थिति का जायजा भी लिया और किसानों से बातचीत की। सरकार की ओर से फसल नुकसान के पंचनामे कराने के निर्देश दिए गए हैं और किसानों तक राहत पहुंचाने के उपाय किए जा रहे हैं। लातूर और धाराशिव में पानी की कमी, पशु चारे की उपलब्धता और फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने प्रशासन को राहत संबंधी तैयारियां तेज करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि किसानों को आवश्यक सहायता देने के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी और सूखा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति के अनुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे।
