
मुंबई। महाराष्ट्र में महिलाओं की श्रमशक्ति में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार के कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग और आईपीई ग्लोबल लिमिटेड (IPE Global Ltd.) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस साझेदारी का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार इसके सफल क्रियान्वयन के लिए हर संभव सहयोग देगी। कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा के नेतृत्व में यह अभियान राज्यभर में चलाया जाएगा। इसके तहत 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग की 3 लाख युवतियों को निजी क्षेत्र में वेतनभोगी रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के अनुसार, महाराष्ट्र में महिलाओं की श्रमशक्ति भागीदारी दर लगातार बढ़ रही है। 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग में यह दर 2018-19 के 20.2 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 26.6 प्रतिशत हो गई है। इस वृद्धि में कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों की अहम भूमिका रही है। यह कार्यक्रम 2026 से 2030 तक संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण से रोजगार तक की प्रक्रिया को मजबूत बनाना, महिलाओं के लिए सुरक्षित और अनुकूल कार्यस्थल तैयार करना तथा रोजगार में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। इसके लिए राज्य एवं क्षेत्रीय स्तर पर तकनीकी सहयोग, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और निजी कंपनियों को अधिक महिलाओं को रोजगार देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के तहत महिलाओं के लिए परिवहन, छात्रावास, स्वच्छता जैसी सुविधाओं का विस्तार, प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण हॉस्टल और जरूरत पड़ने पर मुफ्त या रियायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव है। सरकार ने 2030 तक 3 लाख युवतियों को वेतनभोगी रोजगार, 1.5 लाख युवतियों को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण तथा कामकाजी महिलाओं के लिए उपलब्ध छात्रावासों की क्षमता में 75 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया है। कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग की अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है और यह साझेदारी युवतियों को कौशल प्रशिक्षण से लेकर स्थायी रोजगार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, आईपीई ग्लोबल के मुख्य परिचालन अधिकारी एम.के. पद्म कुमार ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल कौशल प्रशिक्षण से नहीं, बल्कि प्रशिक्षण और स्थायी रोजगार के बीच मजबूत कड़ी स्थापित करने से संभव है। महाराष्ट्र सरकार के साथ यह साझेदारी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





