₹70 करोड़ के एमडी ड्रग्स तस्करी मामले में ईडी का बड़ा एक्शन, ₹90 लाख से अधिक की संपत्तियां कुर्क

इंदौर, मध्य प्रदेश। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इंदौर उप-आंचलिक कार्यालय ने मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर और मंदसौर में स्थित ₹90 लाख से अधिक मूल्य की अचल संपत्तियों को कुर्क करने का अंतिम आदेश जारी किया है। ईडी की ओर से 22 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह मामला लगभग ₹70 करोड़ मूल्य के मेफेड्रोन (एमडी) की वाणिज्यिक मात्रा के अवैध कब्जे और तस्करी से जुड़ा है। ईडी ने इंदौर अपराध शाखा द्वारा वेद प्रकाश व्यास, दिनेश अग्रवाल, अक्षय अग्रवाल एवं अन्य के खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। अनुसूचित अपराध लगभग ₹70 करोड़ मूल्य के मेफेड्रोन (एमडी) की वाणिज्यिक मात्रा के अवैध कब्जे और तस्करी से संबंधित है। ईडी के अनुसार, पीएमएलए के तहत की गई जांच में सामने आया कि आरोपी व्यक्तियों ने कथित तौर पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के माध्यम से नकदी के रूप में बड़ी मात्रा में अपराध से अर्जित आय उत्पन्न की और इस रकम को कई व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित किया। वित्तीय जांच के दौरान ईडी को ऐसे महत्वपूर्ण नकद लेन-देन का भी पता चला, जो एजेंसी के अनुसार अपराध से अर्जित आय के प्लेसमेंट, लेयरिंग और छिपाव को दर्शाते हैं। जांच के दौरान दर्ज किए गए बयानों से ईडी को यह भी पता चला कि आरोपी व्यक्ति अपनी नियमित व्यावसायिक गतिविधियों के अतिरिक्त मादक पदार्थों की आपूर्ति और तस्करी में भी कथित रूप से संलिप्त थे। इस मामले में ईडी ने इससे पहले 17 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश के इंदौर और मंदसौर में विभिन्न परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। जांच के सिलसिले में ईडी ने तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार भी किया है। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। अब ईडी के इंदौर उप-आंचलिक कार्यालय ने मामले में इंदौर और मंदसौर स्थित ₹90 लाख से अधिक मूल्य की अचल संपत्तियों को कुर्क करने का अंतिम आदेश जारी किया है। ईडी ने बताया कि मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
