
मुंबई। नारकोटिक्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की मुंबई जोनल यूनिट ने पिछले तीन दिनों में कई सफल ऑपरेशन अंजाम दिए हैं। इन कार्रवाइयों में कुल 522.138 किलोग्राम गांजा, 1.12 किलोग्राम कोकीन, 3.15 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड और 280 ग्राम एम्फ़ैटेमिन जब्त किया गया है। ज़ब्त किए गए नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत करीब 17.55 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अब तक इन मामलों में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। डीआरआई को मिली खास खुफिया जानकारी के आधार पर नागपुर के पास नेशनल हाईवे-47 पर भगिम्हारी टोल प्लाजा पर एक ट्रक को रोका गया। जांच के दौरान कूलर, टेबल फैन और कंबलों के नीचे छिपाकर रखे गए 17 कार्टन बरामद हुए, जिनमें 100 पैकेट गांजा था। गांजे का कुल वज़न 522.138 किलोग्राम और कीमत लगभग 2.6 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एक अन्य गुप्त रात्री ऑपरेशन में डीआरआई ने एयरपोर्ट परिसर से बाहर निकल रहे एक एयरपोर्ट कैटरिंग कंपनी के फूड ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान यात्री सीट के पीछे छिपाकर रखा गया 3.15 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 3.15 करोड़ रुपये है। इसके बाद की कार्रवाई में विमान की सफाई करने वाले स्टाफ, ड्यूटी मैनेजर और ड्रग सिंडिकेट के मुख्य कोऑर्डिनेटर सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। डीआरआई अधिकारियों के अनुसार यह सिंडिकेट एयरपोर्ट इकोसिस्टम के अंदर सक्रिय था। एक अन्य मामले में मुंबई एयरपोर्ट पर एंटेबे (युगांडा) से आई एक केन्याई महिला यात्री को रोका गया। उसके पेट से सात कैप्सूल बरामद किए गए, जिनमें 446 ग्राम कोकीन थी। इस कोकीन की कीमत करीब 4.66 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, दिल्ली से मुंबई आ रही घरेलू उड़ान से एक नाइजीरियाई नागरिक को रोका गया, जिसके सामान से 673 ग्राम कोकीन बरामद हुई। इसकी कीमत करीब 6.73 करोड़ रुपये आंकी गई है। एक अलग ऑपरेशन में दिल्ली से गोवा जा रहे एक अन्य नाइजीरियाई नागरिक के पास से 280 ग्राम एम्फ़ैटेमिन बरामद किया गया, जिसकी कीमत लगभग 22 लाख रुपये है। दोनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। डीआरआई अधिकारियों ने कहा कि ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और पूरे सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचने के लिए आगे की जांच जारी है।




