आरे मेट्रो कॉम्प्लेक्स के 8 फीट गहरे बिजली डक्ट में मिला मगरमच्छ, आधी रात चला रेस्क्यू ऑपरेशन
3 फीट 7 इंच लंबे युवा मार्श मगरमच्छ को WWA की टीम ने सुरक्षित निकाला, मेडिकल जांच में मिला स्वस्थ, प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा

मुंबई। आरे मेट्रो कॉम्प्लेक्स में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात उस समय हड़कंप मच गया, जब परिसर के अंदर एक युवा भारतीय मार्श मगरमच्छ दिखाई दिया। मगरमच्छ बाद में बिजली के करीब 8 फीट गहरे डक्ट में जा घुसा। सूचना मिलने पर वाइल्डलाइफ वेलफेयर एसोसिएशन (WWA) की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर करीब 3 फीट 7 इंच लंबे मगरमच्छ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जानकारी के मुताबिक, 23 सितंबर को रात करीब 12:05 बजे WWA की वाइल्डलाइफ रेस्क्यू हेल्पलाइन पर आरे मेट्रो कॉम्प्लेक्स में मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना मिली थी। इसके बाद संस्था की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची। कॉम्प्लेक्स में तैनात महाराष्ट्र सुरक्षा बल (MSF) के कर्मचारियों ने टीम को बताया कि मगरमच्छ पहले परिसर के अंदर दिखाई दिया था और बाद में बिजली के डक्ट में चला गया। टीम ने डक्ट की जांच की तो करीब 8 फीट की गहराई में मगरमच्छ मौजूद मिला। इसके बाद सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया। बताया गया है कि पिछले महीने भी आरे के तपेश्वर और मेट्रो कॉम्प्लेक्स के आसपास एक युवा भारतीय मार्श मगरमच्छ को आरे रोड पार करते हुए देखा गया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस समय रेस्क्यू टीमों ने इलाके में तलाश अभियान चलाया था, लेकिन मगरमच्छ का पता नहीं चल सका था। हालांकि बुधवार को बचाया गया मगरमच्छ वही है या कोई दूसरा, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रेस्क्यू की जानकारी मुंबई रेंज वन विभाग को दी गई। इसके बाद मगरमच्छ को निगरानी और चिकित्सकीय परीक्षण के लिए WWA के ट्रांजिट सेंटर ले जाया गया। आरे क्षेत्र में मगरमच्छ की मौजूदगी वन्यजीवों और शहरी आबादी के बेहद करीब आने की स्थिति को एक बार फिर सामने लाती है। वन्यजीव विशेषज्ञों की सलाह है कि मगरमच्छ या किसी अन्य जंगली जीव के दिखाई देने पर लोग उसके करीब जाने या खुद पकड़ने का प्रयास न करें और तत्काल वन विभाग अथवा अधिकृत वन्यजीव बचाव दल को सूचना दें।
