महाराष्ट्र के समुद्री क्षेत्र में अवैध मछली पकड़ने पर सख्ती: पांच साल में 15.46 करोड़ रुपये का जुर्माना

1,045 मामले दर्ज, 976 का निपटारा, 9.39 करोड़ रुपये की वसूली

मुंबई। महाराष्ट्र के समुद्री क्षेत्र में अवैध मछली पकड़ने पर रोक लगाने के लिए मत्स्य व्यवसाय विभाग की ओर से नियमित गश्त, विशेष दस्तों के माध्यम से निगरानी और कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। नवंबर 2021 से अक्टूबर 2026 तक अवैध मछली पकड़ने के खिलाफ कुल 1,045 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 976 का निपटारा किया जा चुका है। इन मामलों में कुल 15.46 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि 9.39 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। यह जानकारी मत्स्य व्यवसाय आयुक्त भानुदास पालवे ने दी। महाराष्ट्र के समुद्री मत्स्य संसाधनों का संरक्षण, अवैध मछली पकड़ने पर रोक और समुद्री मत्स्य पालन से जुड़े कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए महाराष्ट्र समुद्री मत्स्य पालन विनियमन अधिनियम, 1981 और संशोधन अधिनियम, 2021 के तहत कार्रवाई की जा रही है। अवैध मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर नियंत्रण रखने के लिए प्रवर्तन अधिकारियों, सुरक्षा रक्षकों और पुलिसकर्मियों के सहयोग से गश्त की जाती है। इसके अलावा, अवैध एलईडी और पर्ससीन मछली पकड़ने पर रोक लगाने के लिए विशेष दस्ते भी गठित किए गए हैं।
विभिन्न प्रकार की अवैध मछली पकड़ने पर कार्रवाई
विभाग की ओर से एलईडी और एलईडी पर्ससीन, पर्ससीन और मिनी पर्ससीन, ट्रॉलिंग तथा दूसरे राज्यों से आने वाली मछली पकड़ने वाली नौकाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पर्ससीन और मिनी पर्ससीन मछली पकड़ने के मामलों में 364 रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। वहीं, एलईडी और एलईडी पर्ससीन मछली पकड़ने के मामलों में 7.49 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दूसरे राज्यों की मछली पकड़ने वाली नौकाओं के खिलाफ 103 रिपोर्ट दर्ज कर 3.15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
नए मछली पकड़ने के मौसम में 31 नौकाओं पर कार्रवाई
नए मछली पकड़ने के मौसम में अवैध गतिविधियों में शामिल 31 नौकाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिलेवार आंकड़ों के मुताबिक, रत्नागिरी में 12, मुंबई शहर में 9, सिंधुदुर्ग में 7, रायगढ़ में 2 और ठाणे-पालघर जिले में 1 मामला दर्ज किया गया है।
ड्रोन से भी रखी जा रही है निगरानी
समुद्र में अवैध मछली पकड़ने पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ड्रोन से प्राप्त जानकारी के आधार पर भी कार्रवाई की जा रही है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन के माध्यम से दर्ज मामलों में कुल 3,424 रिपोर्ट दाखिल की गई हैं। इन मामलों में 2.30 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि 62.62 लाख रुपये की वसूली की गई है। मत्स्य संसाधनों के संरक्षण, कानूनी मछली पकड़ने की पद्धतियों को प्रोत्साहन और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विभाग की नियमित गश्त, विशेष दस्तों की निगरानी और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने सभी मछुआरों से लागू कानूनों और नियमों का पालन करने तथा कार्रवाई में सहयोग करने की अपील की है।
दो गश्ती नौकाओं और नौ ड्रोन की खरीद का प्रस्ताव
मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने कहा कि समुद्र में अवैध मछली पकड़ने पर रोक लगाने के लिए मत्स्य व्यवसाय विभाग की कार्रवाई मछुआरों के लिए सुरक्षा कवच की तरह है। इस विभागीय व्यवस्था ने बेहतरीन काम किया है और कानूनी तरीके से मछली पकड़ने वाले मछुआरों के अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार के पास दो गश्ती नौकाओं और नौ ड्रोन की खरीद का प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही यह व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे समुद्र में निगरानी और कार्रवाई को और मजबूती मिलेगी।

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