
पुणे। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने बेटे पार्थ पवार से जुड़े विवादास्पद पुणे भूमि सौदे को रद्द कर दिया है। यह सौदा लगभग 40 एकड़ जमीन की खरीद से संबंधित था, जिसकी अनुमानित कीमत 300 करोड़ रुपये बताई गई थी। अजित पवार ने स्वयं इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि भूमि सौदे की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है, जो एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। पवार ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। विवाद के बीच, अजित पवार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री फडणवीस से उनके सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर मुलाकात की। यह बैठक लगभग 30 मिनट तक चली और इसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में भूमि सौदे पर उठे विवाद और उससे राजनीतिक गठबंधन पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा हुई। अजित पवार ने कहा कि उन्होंने यह फैसला जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए लिया है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय के साथ, उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता और जवाबदेही है, भले ही मामला उनके परिवार से ही क्यों न जुड़ा हो।




