वसई जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर से कंप्यूटर चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
वसई पुलिस ने FIR दर्ज कर शुरू की जांच; कोर्ट रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा को लेकर चिंता

मुंबई। वसई जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर भी चोरी की घटना से अछूता नहीं रहा। बुधवार दोपहर कोर्ट कॉम्प्लेक्स से कई कंप्यूटर चोरी होने का मामला सामने आया, जिसके बाद वसई पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चोरी का पता दोपहर में चला, जिसके बाद इसकी जानकारी संबंधित न्यायिक अधिकारियों को दी गई। वसई पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, कोर्ट परिसर से इस प्रकार की चोरी की यह पहली घटना है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कुल कितने कंप्यूटर या अन्य गैजेट चोरी हुए हैं और क्या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या जरूरी सामान को भी निशाना बनाया गया है। कोर्ट परिसर में मौजूद एक वकील ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि इस चोरी ने न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विशेष रूप से कोर्ट रिकॉर्ड, आधिकारिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, जिला न्यायाधीश हेमंत बी. सिरसलकर और मजिस्ट्रेट यू. वी. जाधव ने स्थिति का जायजा लिया और घटना का संज्ञान लिया। इस घटना के बाद वसई के मौजूदा कोर्ट कॉम्प्लेक्स के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लंबे समय से उठ रही मांगें फिर चर्चा में आ गई हैं। बार के सदस्य काफी समय से सुनियोजित, पर्याप्त और सुरक्षित कोर्ट परिसर की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं, लेकिन प्रस्तावित विकास कार्य प्रक्रियात्मक कारणों और देरी के चलते अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया है। वकीलों का कहना है कि कोर्ट परिसर केवल एक इमारत नहीं, बल्कि एक संवेदनशील संस्थान है, जहां रोजाना न्यायिक अधिकारी, वकील, वादी, गवाह, पुलिसकर्मी और कर्मचारी आते हैं। ऐसे में पर्याप्त सुरक्षा, रिकॉर्ड संरक्षण, आधुनिक निगरानी व्यवस्था और सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक इंफ्रास्ट्रक्चर आवश्यक है। पुलिस फिलहाल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों, प्रवेश-निकास बिंदुओं और संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही है। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि कोर्ट परिसर में रखे कंप्यूटर और आधिकारिक सामान सुरक्षित नहीं हैं, तो संवेदनशील रिकॉर्ड की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
