महाराष्ट्र में छात्र परिषद चुनावों की प्रक्रिया की समीक्षा के लिए समिति गठित
पूर्व कुलपति डॉ. सुहास पेडणेकर करेंगे अध्यक्षता, शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव के लिए सरकार को सौंपेगी सिफारिशें

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र परिषद चुनावों की प्रक्रिया की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है। गुरुवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने बताया कि समिति महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 और छात्र परिषद चुनावों से जुड़े एकरूप परिनियमों का अध्ययन कर एक महीने के भीतर सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। समिति की अध्यक्षता मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. सुहास पेडणेकर करेंगे। इसमें स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. पंडित विद्यासागर, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति-कुलपति डॉ. एन.एस. उमराणी और मुंबई विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति डॉ. अजय भामरे सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रसाद कारंडे समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, सरल और तेज बनाने के लिए नियम तथा दिशानिर्देश सुझाएगी। छात्र परिषद में महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, विमुक्त एवं घुमंतू समुदायों, अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के साथ एनएसएस, एनसीसी, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े छात्रों को उचित प्रतिनिधित्व देने के संबंध में भी सिफारिशें करेगी। मंत्री के अनुसार, छात्र परिषद चुनावों में बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप और व्यावसायीकरण रोकने के उपाय सुझाना समिति की जिम्मेदारियों में शामिल है। वह परिषद के निधि, बजट और खर्च के पारदर्शी प्रबंधन तथा समय पर लेखापरीक्षण के लिए भी दिशानिर्देश तैयार करेगी। इसके अलावा, समिति नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण देने पर सुझाव देगी। नामांकन, जांच, मतदान और शिकायत निवारण में डिजिटल या ऑनलाइन प्रणाली के उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन भी उसकी रिपोर्ट का हिस्सा होगा।
