MPSC की नौ परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों की जांच के लिए आयोग गठित
पूर्व मुख्य न्यायाधीश दिलीप भोसले की अध्यक्षता में जांच, परीक्षार्थी 16 नवंबर तक शपथपत्र के साथ शिकायतें जमा कर सकेंगे

मुंबई। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र या उत्तरतालिका लीक होने के कथित मामलों की जांच के लिए राज्य सरकार ने जांच आयोग गठित किया है। आयोग ने परीक्षार्थियों, विद्यार्थियों, संबंधित संस्थाओं और अन्य लोगों से 16 नवंबर 2026 तक शपथपत्र के साथ अपना पक्ष और शिकायतें प्रस्तुत करने की अपील की है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश दिलीप भोसले की अध्यक्षता में इस आयोग का गठन किया गया है। आयोग नौ परीक्षाओं से जुड़े कथित पेपर लीक और उत्तरतालिका संबंधी मामलों की जांच करेगा। इनमें औषध निरीक्षक परीक्षा समूह-ब 2025, महाराष्ट्र समूह-ब और समूह-क की संयुक्त पूर्व एवं मुख्य परीक्षाएं 2025, महाराष्ट्र कृषि सेवा मुख्य परीक्षा 2024, खाद्य एवं औषधि प्रशासन सेवा मुख्य परीक्षा 2023 तथा सिविल और विद्युत अभियांत्रिकी सेवा की मुख्य परीक्षाएं 2025 शामिल हैं।
शिकायत के साथ पहचान पत्र और दस्तावेज जरूरी
आयोग ने कहा है कि शिकायतें मराठी या अंग्रेजी भाषा में शपथपत्र के रूप में प्रस्तुत की जाएं। इसके साथ वैध पहचान पत्र और संबंधित दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियां लगाना अनिवार्य है। शिकायतें आयोग के कार्यालय, खाद्य एवं औषधि प्रशासन भवन, कक्ष संख्या 201, दूसरी मंजिल, बीकेसी, बांद्रा (पूर्व), मुंबई-400051 में जमा की जा सकती हैं। इसकी एक प्रति ई-मेल complaints.inquirycomm.mpsc@maharashtra.gov.in पर भी भेजी जा सकती है। आयोग के सदस्य सचिव तुकाराम मुंढे के अनुसार, प्राप्त शिकायतों, शपथपत्रों और दस्तावेजों को गोपनीय रखा जाएगा। शिकायतों की छानबीन के बाद संबंधित व्यक्तियों को गवाह के रूप में बुलाने का निर्णय आयोग करेगा।
