नौवीं की छात्रा तनवी तिवारी बनीं एक दिन की जिलाधिकारी, सुनीं फरियादियों की समस्याएं
15 वर्षीय छात्रा ने 15 से 20 फरियादियों की शिकायतें सुनीं, अधिकारियों को दिए निस्तारण के निर्देश

उन्नाव, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, नवाबगंज की कक्षा नौ की छात्रा तनवी तिवारी को एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनने का अवसर मिला। जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठकर तनवी ने न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को समझा, बल्कि करीब 15 से 20 फरियादियों की समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराना और उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को एक दिन के लिए जिलाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपने से उन्हें यह समझने का अवसर मिलता है कि प्रशासनिक अधिकारी किस प्रकार जनता की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान के लिए निर्णय लेते हैं। नवाबगंज स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत 15 वर्षीय तनवी तिवारी, केशव कुमार और मधु की पुत्री हैं। उनके पिता निजी क्षेत्र में नौकरी करते हैं। पढ़ाई में मेधावी तनवी ने कक्षा आठ में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। वर्तमान में वह कक्षा नौ की छात्रा हैं। एक दिन की जिलाधिकारी के रूप में तनवी ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और उनके समाधान की प्रक्रिया को करीब से समझा। इस दौरान उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों तथा जनसमस्याओं के निस्तारण की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा के साथ प्रशासनिक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना भी है। ऐसे अवसरों से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होने की उम्मीद है।
