सूखे से जूझ रहे किसानों के बीच मुख्यमंत्री फडणवीस ने मनाई दीपावली
लोहारी सावंगा में किसानों के घर भोजन और रात्रि विश्राम, समस्याएं सुनकर दिया संकट से उबरने का भरोसा

18 लाख नियमित कर्ज चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा
नागपुर। महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति के बीच किसानों का मनोबल बढ़ाने और उनके साथ दीपावली मनाने की घोषणा के अनुरूप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर जिले के नरखेड़ तालुका स्थित लोहारी सावंगा गांव में किसानों के साथ दीपावली मनाई। किसानों से संवाद करते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार के प्रयासों से किसान सूखे के संकट से बाहर निकलेंगे। मुख्यमंत्री ने गांव के किसान रामभाऊ बालपांडे के घर पर भोजन किया। उन्होंने पारंपरिक भरीत-भाकरी का स्वाद लिया और किसान के घर ही रात्रि विश्राम किया। इस दौरान राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधायक राजू पोतदार, चरणसिंह ठाकूर, आशीष देशमुख, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी, पूर्व विधायक सुधाकर कोहळे और सरपंच विपिन चाफले सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पारंपरिक स्वागत के बाद किसानों से संवाद
लोहारी सावंगा पहुंचने पर महिलाओं ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने सामूहिक प्रार्थना में हिस्सा लिया और किसान रामभाऊ बालपांडे के घर भोजन किया। दीपावली के अवसर पर ग्रामीणों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं, कठिनाइयों और चिंताओं को सुना। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि कम बारिश के कारण इस वर्ष राज्य में सूखे जैसी स्थिति पैदा हुई है। सरकार किसानों को इस संकट से बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नागरिकों को पीने का पानी, पशुओं के लिए चारा और उपलब्धता के अनुसार सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
खोरी परियोजना का काम जल्द शुरू होगा
किसानों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। किसान पुरुषोत्तम वघाळे ने खोरी परियोजना का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना को मंजूरी दी जा चुकी है और जल्द ही काम शुरू होगा। किसान जगदीश देशमुख ने 43 वर्ष पहले नींव रखे गए पाझर तालाब का काम पूरा करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने इस मामले में जल्द आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। पानी फाउंडेशन के युवा कार्यकर्ता जयंत चाफले ने पुराने खोरी तालाब का काम आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
वन्यजीवों से फसलों को नुकसान, जंगलों के आसपास होगी तारबंदी
ग्रामीणों राजेंद्र चाफले और तेजपाल चौधरी ने रोही, बाघ और जंगली सूअर से फसलों को हो रहे नुकसान की समस्या उठाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सौर तारबंदी उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन इसमें किसानों का अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिल रहा है। ऐसे में जहां संभव होगा, वहां खेतों से सटे जंगलों के आसपास तारबंदी की जाएगी। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और राशन वितरण से जुड़े मुद्दे भी उठाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि सूखे की स्थिति को देखते हुए सभी प्रकार के राशन कार्ड धारकों को अनाज वितरित किया जा रहा है।
18 लाख किसानों को 50 हजार रुपये का अनुदान
नियमित रूप से कृषि ऋण चुकाने वाले किसानों को राहत देने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसे किसानों को भी 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन अनुदान दे रही है। उन्होंने बताया कि कर्जमाफी की राशि जमा होने के बाद नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले 18 लाख किसानों के खातों में 50-50 हजार रुपये जमा किए जाएंगे।
तालुका स्तर पर मुख्यमंत्री सहायता कक्ष
संवाद के दौरान इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे एक युवक के दुर्घटना में पैर खराब होने और तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता का मुद्दा सामने आया। मुख्यमंत्री ने युवक के संपूर्ण उपचार का आश्वासन दिया।
उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर मुख्यमंत्री सहायता निधि कक्ष पहले से संचालित हैं। सूखे की स्थिति को देखते हुए अब तालुका स्तर पर भी सहायता कक्ष शुरू किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याओं को आत्मीयता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने जताया आभार
लोहारी सावंगा नागपुर जिले के अंतिम छोर पर स्थित गांव है। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री के गांव आने से उन्हें सूखे की स्थिति का सामना करने के लिए हौसला और आत्मविश्वास मिला है। किसानों के बीच दीपावली मनाने और उनकी समस्याएं सुनने के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
