
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को वैश्विक क्रिएटर इकोनॉमी (रचनात्मक अर्थव्यवस्था) का केंद्र बनाने के सपने को साकार करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है। गुरुवार को गोरेगांव स्थित फिल्मसिटी में प्राइम फोकस के नए अत्याधुनिक स्टूडियो की शुरुआत इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मुंबई वैश्विक स्तर पर रचनात्मक और मनोरंजन उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनेगी। मुख्यमंत्री ने फिल्मसिटी परिसर में प्राइम फोकस के विश्वस्तरीय स्टूडियो के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री एड. आशीष शेलार, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार, सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी, दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्मसिटी) की प्रबंध निदेशक स्वाती म्हसे-पाटील तथा प्राइम फोकस समूह के पदाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई में विश्वस्तरीय सुविधा स्थापित कर प्राइम फोकस ने दुनिया भर के मनोरंजन और रचनात्मक उद्योगों को सेवाएं देने का अपना संकल्प साकार किया है। उन्होंने बताया कि ‘वेव्स 2025’ सम्मेलन के दौरान हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के महज एक वर्ष के भीतर इस परियोजना का पहला चरण पूरा होना उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और इतिहास में अनगिनत प्रेरणादायक कहानियां हैं, जिन्हें वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक और मजबूत रचनात्मक पारिस्थितिकी तंत्र आवश्यक है। यह स्टूडियो उस दिशा में देश के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म सह-निर्माण परियोजनाओं में शामिल ‘रामायण’ फिल्म का निर्माण भी इसी स्टूडियो में हो रहा है। उन्होंने पूरी टीम को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह फिल्म भारतीय रचनात्मकता का वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और मनोरंजन उद्योग के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही फिल्मसिटी को विश्वस्तरीय रचनात्मक एवं मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित करने का व्यापक पुनर्विकास मास्टर प्लान भी जल्द पूरा किया जाएगा।






