मुंबई में बनेगा व्यंग्यचित्रकारों की कला का प्रदर्शनी कक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिया भरोसा

मुंबई। मुंबई में व्यंग्यचित्रकारों की कला को एक जगह सहेजने और लोगों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रदर्शनी कक्ष बनाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह काम सांस्कृतिक कार्य विभाग के माध्यम से किया जाएगा। गुरुवार को दादर स्थित स्वातंत्र्यवीर सावरकर स्मारक सभागृह में व्यंग्यचित्रकार प्रशांत कुलकर्णी द्वारा संपादित और ग्रंथाली प्रकाशन की ओर से प्रकाशित पुस्तक ‘महाराष्ट्राच्या हास्यरेषा’ के विमोचन समारोह में मुख्यमंत्री ने यह बात कही। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, ग्रंथाली प्रकाशन के न्यासी सुदेश हिंगलासपूरकर और पुस्तक के संपादक प्रशांत कुलकर्णी मौजूद थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि व्यंग्यचित्रकला ऐसी कला है, जिसमें बिना कुछ बोले भी बड़ी बात आसानी से कही जा सकती है। मराठी व्यंग्यचित्रकारों ने अपने चित्रों के जरिए समय-समय पर समाज और राजनीति की घटनाओं के साथ-साथ कई विरोधाभासों को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि व्यंग्यचित्र किसी व्यक्ति के पूरे व्यक्तित्व को कुछ रेखाओं में दिखाने की ताकत रखते हैं। महाराष्ट्र में इस कला की पुरानी परंपरा रही है और ‘महाराष्ट्राच्या हास्यरेषा’ जैसी पुस्तक इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि व्यंग्यचित्र को समझने के लिए उसकी रेखाओं के बीच छिपे अर्थ को समझना जरूरी है। उन्होंने व्यंग्यचित्रकार के रूप में अपने अनुभव और ‘फटकारे’ पुस्तक के निर्माण से जुड़ी बातें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि व्यंग्यचित्रकार समाज की गलतियों और विसंगतियों को अपने चित्रों के जरिए सामने लाता है। राज ठाकरे ने व्यंग्यचित्र बनाते समय रेखाओं की अहमियत, स्वाभिमान और विषय की सही समझ पर जोर दिया। उन्होंने पुराने व्यंग्यचित्रकारों से जुड़ी यादें भी साझा कीं। सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने पुस्तक तैयार करने में प्रशांत कुलकर्णी और ग्रंथाली के सदस्यों की मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुस्तक में संकलित पुराने और ऐतिहासिक व्यंग्यचित्र महाराष्ट्र की आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उन्होंने वरिष्ठ व्यंग्यचित्रकार शि.द.फडणीस के योगदान का उल्लेख करते हुए बताया कि पुणे विश्वविद्यालय में उनके नाम से अध्ययन केंद्र शुरू करने का काम चल रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यंग्यचित्रकार और कला प्रेमी मौजूद रहे।
