
मुंबई। हाफकिन संस्थान ने देश में टीका उत्पादन और विशेष रूप से पोलियो उन्मूलन में अमूल्य योगदान दिया है। भारत सरकार की ओर से वर्तमान में 268 मिलियन ओरल पोलियो वैक्सीन की मांग है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में सैद्धांतिक रूप से निर्णय लिया गया कि हाफकिन खरीद विभाग के दो प्रतिशत उपकर से हाफकिन बायोफार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन को 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा।
माशेलकर समिति की सिफारिशें
हाफकिन संस्थान और हाफकिन बायोफार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से डॉ. रघुनाथ माशेलकर की अध्यक्षता में एक समिति नियुक्त की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। उपमुख्यमंत्री पवार ने निर्देश दिया कि इन सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक नई समिति गठित की जाए, जिसमें चिकित्सा शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और योजना विभागों के सचिव शामिल हों। यह समिति हाफकिन के सशक्तिकरण के लिए 5 वर्षों का रोडमैप तैयार करेगी।
सर्पदंश के टीके में हाफकिन की उपलब्धि
बैठक में जानकारी दी गई कि हाफकिन के पास वर्तमान में डेढ़ लाख सर्पदंश के टीके उपलब्ध हैं। हाफकिन द्वारा तैयार किए गए ये टीके कारगर और प्रभावी साबित हुए हैं। उपमुख्यमंत्री पवार ने यह भी निर्देश दिया कि महाराष्ट्र चिकित्सा सामान खरीद प्राधिकरण इन टीकों की खरीद हाफकिन के माध्यम से ही करे।
बैठक में उपस्थित मंत्री और अधिकारी
मंत्रालय के समिति कक्ष में आयोजित इस बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल, स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर, विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओ.पी. गुप्ता, नियोजन विभाग के प्रधान सचिव सौरभ विजय, चिकित्सा शिक्षा एवं औषधि विभाग के सचिव धीरज कुमार, उपमुख्यमंत्री के सचिव डॉ. राजेश देशमुख, हाफकिन के प्रबंध निदेशक सुनील महिंद्रकर, विधि एवं न्याय विभाग की संयुक्त सचिव अश्विनी सैनी और चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव रामचंद्र धनावड़े उपस्थित थे।




