केजीएमयू में दवाओं को लेकर धोखाधड़ी का आरोप, चार संविदा कर्मचारियों पर एफआईआर
असाध्य रोग योजना की दवाओं के क्रय-वितरण में अनियमितता का मामला, विभागीय जांच के बाद चौक थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। केजीएमयू में असाध्य रोग योजना के तहत कैंसर मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली दवाओं के क्रय एवं वितरण में कथित धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। कार्यवाहक चीफ प्रॉक्टर डॉ. अंकुर बजाज ने चार संविदा कर्मचारियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। डॉ. अंकुर बजाज के मुताबिक केजीएमयू में प्रकाश सिंह, हेमंत श्रीवास्तव, सचिन तिवारी और अरशद संविदा पर कार्यरत हैं। यूरोलॉजी विभाग में असाध्य रोग योजना के तहत कैंसर से पीड़ित मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। आरोप है कि चारों संविदा कर्मचारियों ने इन दवाओं के क्रय और वितरण में अनियमितता एवं धोखाधड़ी की। मामले की जानकारी कुलपति को मिलने के बाद 26 मई को जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। कमेटी की अध्यक्षता फैकल्टी ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज के डीन प्रो. के.के. सिंह ने की। जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों, सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड, वित्तीय विवरण, अन्य साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों की पड़ताल की गई। जांच समिति ने अपनी पड़ताल में चारों संविदा कर्मचारियों द्वारा दवाओं के दुरुपयोग, शासकीय धन की क्षति और अन्य गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की बात पाई। समिति ने 2 जून को अंतरिम जांच आख्या प्रस्तुत की। डॉ. अंकुर बजाज ने बताया कि मामले की गहन विभागीय जांच के बाद उन्हें आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अधिकृत किया गया। इसके बाद उन्होंने चौक थाने में तहरीर दी। चौक थाना प्रभारी नागेश उपाध्याय के मुताबिक प्रकाश सिंह, हेमंत श्रीवास्तव, सचिन तिवारी और अरशद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने केजीएमयू से प्रकरण से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। विवेचना के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
