
नई दिल्ली। एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया ने रविवार को भारतीय वायु सेना के पूर्वी वायु कमान (ईस्टर्न एयर कमांड) के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने एयर मार्शल सूरत सिंह का स्थान लिया, जो राष्ट्र के प्रति 39 वर्षों की विशिष्ट और समर्पित सेवा के बाद 31 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त हुए। एयर मार्शल वालिया राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पूर्व छात्र हैं और उन्हें 11 जून 1988 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त हुआ था। वह मिग-21, मिग-23, मिग-27, जगुआर और सुखोई-30 एमकेआई के सभी वेरिएंट के लिए योग्य हैं। उन्होंने अब तक 3,200 से अधिक घंटे का दुर्घटना-मुक्त उड़ान अनुभव प्राप्त किया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में एयर मार्शल वालिया ने कई महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ नियुक्तियों पर कार्य किया है। उन्होंने मिग-27 स्क्वाड्रन और टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (TACDE) की कमान संभाली है। इसके अलावा, वह एक फ्रंटलाइन एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग भी रह चुके हैं। वह एक फाइटर स्ट्राइक लीडर और इंस्ट्रूमेंट रेटिंग इंस्ट्रक्टर एंड एग्जामिनर (IRIE) हैं। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम में एडवांस कमांड एंड स्टाफ कोर्स और बांग्लादेश में नेशनल डिफेंस कॉलेज से उच्च सैन्य शिक्षा प्राप्त की है।
एयर मार्शल वालिया ने जापान और दक्षिण कोरिया में भारतीय दूतावासों में रक्षा अताशे के रूप में भी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा, उन्होंने वायु सेना मुख्यालय में एयर कमोडोर (वायु सेना निरीक्षण निदेशालय), सहायक वायु सेना प्रमुख (प्रशिक्षण) और मुख्यालय वेस्टर्न एयर कमांड में वायु रक्षा कमांडर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया है। पूर्वी वायु कमान का कार्यभार संभालने से पहले, वह मुख्यालय ईस्टर्न एयर कमांड में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2008 में वायु सेना पदक (वीएम) और 2018 में अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।




