
इन्द्र यादव
मुंबई। मुंबई के समता नगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने इस प्रकरण में एफआईआर क्रमांक 0087/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की कई बेहद गंभीर धाराएं लगाई हैं, जो अपराध की भयावहता और संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। पुलिस दस्तावेजों के अनुसार, यह घटना 23 अगस्त 2025 से 28 अगस्त 2025 के बीच घटित हुई। हालांकि पीड़िता की ओर से आधिकारिक शिकायत 25 जनवरी 2026 को रात 01:12 बजे दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने तत्काल मामला पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को मौखिक रूप से पूरी आपबीती बताई, जिसके बाद कानून का शिकंजा आरोपियों पर कसा गया है। इस मामले में पुलिस ने कुल 10 गंभीर धाराएं लगाई हैं। बीएनएस की धारा 64(2)(i) और 64(2)(म) के तहत आरोप है कि भरोसे या नियंत्रण की स्थिति का दुरुपयोग करते हुए पीड़िता के साथ बार-बार बलात्कार किया गया। वहीं, धारा 123 के तहत नशीले या बेहोश करने वाले पदार्थ का इस्तेमाल कर अपराध को अंजाम देने का आरोप भी शामिल है। इसके अलावा, महिला की शालीनता और मानसिक सुरक्षा से जुड़े अपराधों को देखते हुए धारा 74 (लज्जा भंग), धारा 77 (पीछा करना/डराना) और धारा 351(3) (गंभीर आपराधिक धमकी) भी एफआईआर में जोड़ी गई हैं। मामले की गंभीरता को और बढ़ाते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(ई), 67 और 67(ए) भी लगाई गई हैं, जो पीड़िता की निजता के उल्लंघन, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो के प्रसार और डिजिटल ब्लैकमेलिंग की ओर इशारा करती हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हालांकि अभी तक आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन कई संदिग्ध पुलिस के रडार पर हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। एफआईआर में बीएनएस की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) का शामिल होना इस बात का संकेत है कि इस जघन्य अपराध में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं और यह पूरी तरह से योजनाबद्ध साजिश का हिस्सा था। जांच अधिकारी ने बताया कि मामले में तकनीकी साक्ष्य, विशेषकर डिजिटल एविडेंस, एकत्र किए जा रहे हैं। मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारी ने कहा कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। यह मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और भय का माहौल है। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।




