हाई-टेक हुआ डाक विभाग: अब चिट्ठियों वाला डाकिया नहीं, हर घर पहुंचेगा ‘डिजिटल साथी’

​हादी अली शेख
मुंबई। क्या आपको याद है वह दौर, जब डाकिया सिर्फ लाल डिब्बे से चिट्ठियां निकालकर आपके घर का दरवाजा खटखटाता था। अब वह पुरानी बात हो चुकी है। आज का डाकिया आपके दरवाजे पर केवल कागजी पैगाम लेकर नहीं, बल्कि डिजिटल बैंकिंग, आधार केंद्र, पासपोर्ट सेवाएं और कई सरकारी योजनाओं का पूरा पिटारा लेकर पहुंच रहा है। महाराष्ट्र डाक सर्किल ने तकनीक और डिजिटल सुविधाओं का ऐसा मजबूत ताना-बाना बुना है कि आज राज्य के तीन करोड़ 59 लाख से भी अधिक लोग डाक विभाग के आधुनिक नेटवर्क से सीधा लाभ उठा रहे हैं। इसी नए और हाई-टेक रूप का जश्न मनाने के लिए 9 से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत विश्व डाक दिवस के अवसर पर हुई है। शुक्रवार को चीफ पोस्टमास्टर जनरल रामचंद्र के.जायभाये के अनुसार, डाक विभाग ने अपनी पारंपरिक सीमाओं को लांघकर आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहद आसान बना दिया है। केवल बैंकिंग की ही बात करें, तो इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के जरिए एक करोड़ 92 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं और एक करोड़ 14 लाख लोगों को सरकारी योजनाओं की डीबीटी राशि सीधे उनके घर तक पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा, महाराष्ट्र सरकार की लोकप्रिय ‘माझी लाडकी बहिन योजना’ के क्रियान्वयन और घर-घर बैंकिंग सेवाएं देने में भी डाकिया अहम भूमिका निभा रहा है। विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इस वित्तीय वर्ष में 8.37 लाख से अधिक नागरिकों के आधार कार्ड बनाए और अपडेट किए गए हैं, जबकि पासपोर्ट सेवा केंद्रों के माध्यम से 2.82 लाख आवेदकों को सुविधाएं दी गईं। हाल ही में गणेशोत्सव और नवरात्रि के दौरान आयोजित विशेष नाइट कैंपों में 11 हजार से ज्यादा नए बचत खाते खोले गए और सवा करोड़ रुपये से अधिक प्रीमियम की बीमा पॉलिसियां जारी की गईं। पार्सल और मेल सर्विस में भी जबरदस्त उछाल देखा गया है, जहां चालू वित्त वर्ष में 10 करोड़ से अधिक स्पीड पोस्ट और लगभग 27 लाख पार्सल सफलतापूर्वक डिलीवर किए गए हैं। सप्ताह भर चलने वाले इस आयोजन में हर दिन एक नई थीम रखी गई है। फिलाटेली डे पर जहां दुर्लभ डाक टिकटों की प्रदर्शनी और वर्कशॉप आयोजित होगी, वहीं वित्तीय समावेशन दिवस पर गांव-गांव में ‘डाक चौपाल’ लगाकर बैंकिंग और इंश्योरेंस सेवाएं लोगों के घर तक पहुंचाई जाएंगी। मेल और पार्सल दिवस पर मुंबई और नवी मुंबई के शीर्ष 25 कमर्शियल ग्राहकों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि अंतिम दिन कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए ‘टेक्नोलॉजी क्विज़’ का आयोजन होगा। इसके साथ ही, 5 किलो तक के पार्सल पर आकर्षक दरों और आसान कस्टम प्रक्रिया के कारण ‘इंटरनेशनल ट्रैक्ड पैकेट सर्विस’ विदेशों में सामान भेजने वाले छोटे व्यापारियों की पहली पसंद बन रही है, जिसके तहत इस साल 13.90 लाख से अधिक अंतर्राष्ट्रीय पैकेट बुक किए जा चुके हैं।

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