
मुंबई। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) का प्रतिनिधिमंडल स्विट्ज़रलैंड के दावोस में चल रहे पांच दिवसीय वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम एनुअल समिट 2026 में भाग लिया। यह प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले बड़े महाराष्ट्र प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा है। एमएमआरडीए टीम का नेतृत्व मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर डॉ. संजय मुखर्जी कर रहे हैं, जिसमें एएमसी विक्रम कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इस यात्रा का उद्देश्य मुंबई की वैश्विक भागीदारी को मजबूत करना और शहरी विकास एवं इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए फंडिंग और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप के अवसर तलाशना है। मुंबई भारत के सबसे जटिल शहरी क्षेत्रों में से एक है, इसलिए प्रतिनिधिमंडल दावोस में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं से जुड़कर लंबी अवधि के निवेश, उन्नत परिवहन समाधान और सहयोगी मॉडल पर ध्यान दे रहा है, जो सस्टेनेबल और समावेशी विकास का समर्थन कर सकें। डबल्यूईएफ 2026 के पहले दिन, एमएमआरडीए प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड किंगडम स्थित क्रॉसरेल इंटरनेशनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉल डायसन के साथ रणनीतिक बैठक की। चर्चा में मेट्रो सिस्टम और शहरी परिवहन योजना में सहयोग, ज्ञान साझा करने और क्षमता निर्माण के नए अवसरों की संभावनाओं पर विचार किया गया। इस तरह के आदान-प्रदान से एमएमआरडीए को अपनी चल रही और आने वाली परिवहन परियोजनाओं को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। प्रतिनिधिमंडल ने बर्कले विश्वविद्यालय के प्रोफेसर क्रिस बुश से भी मुलाकात की। बैठक शहरी विकास में शैक्षणिक सहयोग, संयुक्त अनुसंधान और नवाचार के अवसरों पर केंद्रित रही। यह कदम मुंबई को भारत और एशिया में प्रमुख प्रतिभा और ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करने के व्यापक लक्ष्य का समर्थन करता है। डबल्यूईएफ 2026 एमएमआरडीए के लिए निवेश के साथ-साथ सस्टेनेबिलिटी, नवाचार और मानव पूंजी जैसे विषयों पर वैश्विक मंच प्रदान कर रहा है। उम्मीद है कि शिखर सम्मेलन में हुई चर्चाएँ भविष्य में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन की विकास रणनीतियों और साझेदारियों को आकार देंगी।




