गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना को मिली रफ्तार, दूसरे भूमिगत टनल ‘विहार’ की खुदाई शुरू
संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे बन रहे दोहरी सुरंगों में पहला टनल ‘तुलसी’ 270 मीटर आगे बढ़ा, फरवरी 2029 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य

मुंबई। गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) परियोजना के तीसरे चरण (3बी) के तहत संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) के नीचे निर्माणाधीन दोहरी भूमिगत सुरंगों के काम में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पहली सुरंग की खुदाई कर रही ‘तुलसी’ टनल बोरिंग मशीन (TBM) अब तक 270 मीटर से अधिक खुदाई पूरी कर चुकी है। बीएमसी से मिली जानकारी के अनुसार दूसरी सुरंग की खुदाई के लिए तैयार ‘विहार’ टनल बोरिंग मशीन ने शनिवार, 7 नवंबर 2026 से अपना काम शुरू कर दिया है। दोनों सुरंगों की खुदाई शुरू होने से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है।
पूर्व और पश्चिम उपनगरों को जोड़ेगा 12.20 किलोमीटर लंबा मार्ग
गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड बृहन्मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों को जोड़ने वाली 12.20 किलोमीटर लंबी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है। इसे चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तीसरे चरण (3बी) के तहत गोरेगांव पूर्व स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी से मुलुंड पश्चिम के अमर नगर तक संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन तकनीक से दोहरी सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इन सुरंगों की लंबाई 5.34 किलोमीटर होगी और प्रत्येक सुरंग में तीन लेन होंगी।
‘तुलसी’ ने 270 मीटर खुदाई पूरी की
पहली सुरंग की खुदाई करने वाली मशीन का नाम ‘तुलसी’ रखा गया है, जबकि दूसरी मशीन को ‘विहार’ नाम दिया गया है। सभी तकनीकी प्रक्रियाओं और परीक्षणों के पूरा होने के बाद 17 अगस्त 2026 को ‘तुलसी’ मशीन को कार्यान्वित किया गया था। इसके बाद गोरेगांव से मुलुंड की दिशा में अब तक 270 मीटर से अधिक लंबाई की खुदाई पूरी की जा चुकी है।
अत्याधुनिक तकनीक से सुरक्षित होगी खुदाई
दूसरी सुरंग की खुदाई के लिए इस्तेमाल होने वाली ‘विहार’ मशीन की साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट (Site Acceptance Test) हाल ही में सफलतापूर्वक पूरी हुई। इसके बाद 7 नवंबर 2026 से आधिकारिक रूप से खुदाई शुरू कर दी गई। ‘विहार’ मशीन भी ‘तुलसी’ की तरह अत्याधुनिक सिंगल शील्ड अर्थ प्रेशर बैलेंस (EPB) तकनीक पर आधारित है। इसके कटर हेड का व्यास 14.49 मीटर और पूरी मशीन की लंबाई 83 मीटर है। इसमें 22 मीटर लंबा शील्ड हिस्सा तथा तीन मंजिला संरचना वाला 61 मीटर लंबा बैकअप गैन्ट्री विभाग शामिल है। इस आधुनिक तकनीक के जरिए खुदाई के दौरान सुरंग के अग्रभाग में मिट्टी के दबाव को नियंत्रित रखा जा सकता है। इससे जमीन की स्थिरता बनाए रखते हुए सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से सुरंग निर्माण संभव होता है।
फरवरी 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य
गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना को फरवरी 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दोनों भूमिगत सुरंगों की खुदाई शुरू होने से परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
