मध्य रेलवे ने मनाए गठन के 75 गौरवशाली वर्ष, सीएसएमटी में निकाली गई हेरिटेज वॉक
महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने किया नेतृत्व, रेलवे की ऐतिहासिक विरासत और विकास यात्रा को किया याद

मुंबई। मध्य रेलवे ने गुरुवार को अपने गठन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के ऐतिहासिक हेरिटेज भवन में हेरिटेज वॉक का आयोजन किया। मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने इसका नेतृत्व किया। इस अवसर पर रेलवे की समृद्ध विरासत, स्थापत्य कला और देश के विकास में उसके योगदान को याद किया गया। मध्य रेलवे का गठन 5 नवंबर 1951 को ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे, निजाम स्टेट रेलवे, सिंधिया स्टेट रेलवे और धौलपुर स्टेट रेलवे के एकीकरण से हुआ था। 75 वर्ष पूरे कर मध्य रेलवे अब अपने 76वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। भारत की पहली यात्री ट्रेन 16 अप्रैल 1853 को मुंबई से ठाणे के बीच 33 किलोमीटर चली थी। इस ऐतिहासिक यात्रा ने देश में रेल परिवहन की शुरुआत की। वर्तमान में मध्य रेलवे मुंबई, भुसावल, नागपुर, सोलापुर और पुणे सहित पांच मंडलों में संचालित होता है। इसका नेटवर्क 4,384.92 रूट किलोमीटर और 492 स्टेशनों तक फैला है।मुंबई की लाइफलाइन को मजबूत करने में योगदान
मुंबई की उपनगरीय रेल सेवा प्रतिदिन लाखों यात्रियों को सुविधा प्रदान करती है। वर्ष 1951 में उपनगरीय सेवाओं की संख्या 519 थी, जो वर्ष 2023 में बढ़कर 1,860 हो गई। इसमें मुंबई की 1,820 और पुणे की 40 सेवाएं शामिल हैं। मध्य रेलवे ने एसी लोकल, 12 और 15 डिब्बों वाली ट्रेनों सहित आधुनिक सेवाओं का विस्तार किया है।
विकास और आधुनिकीकरण की दिशा में आगे
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्य रेलवे ने 103.58 किलोमीटर रेल लाइन चालू की, जबकि पिछले पांच वर्षों में कुल 1,157.15 किलोमीटर रेल लाइन शुरू की गई। स्टेशन पुनर्विकास, नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, आधुनिक सिग्नलिंग और यात्री सुविधाओं पर लगातार काम किया जा रहा है। मध्य रेलवे ने 75 वर्ष पूरे होने पर यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और आरामदायक सेवाएं देने तथा माल परिवहन को अधिक प्रभावी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
