‘खेलो इंडिया’ से गांव-गांव तक पहुंचा खेल, ग्रामीण खिलाड़ियों को मिल रहे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अवसर: मुख्यमंत्री फडणवीस

पुणे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि देश के खेल क्षेत्र में बड़ा बदलाव हो रहा है। ‘खेलो इंडिया’ अभियान के माध्यम से खेल ग्रामीण क्षेत्रों के गांव-गांव तक पहुंचा है। इससे ग्रामीण प्रतिभाओं को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिल रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री फडणवीस श्री शिवछत्रपति खेल परिसर, म्हालुंगे-बालेवाड़ी में आयोजित 41वीं युवा राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप (मुख्यमंत्री कप) के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधायक विक्रांत पाटील, विधायक शंकर जगताप, मनपा आयुक्त नवल किशोर राम, खेल आयुक्त दीपक सांगला, बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव सुबिंदर सिंह गिल तथा महाराष्ट्र राज्य बास्केटबॉल संघ के अध्यक्ष संदीप जोशी सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
महाराष्ट्र में खेल प्रतिभाओं को मिल रहा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालेवाड़ी स्थित खेल परिसर महाराष्ट्र के खेल तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ‘खेलो इंडिया’ प्रतियोगिताओं में महाराष्ट्र के खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर पदक जीत रहे हैं। राज्य सरकार ने ‘मिशन लक्ष्यवेध’ के माध्यम से विभिन्न खेलों के लिए उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि बास्केटबॉल महाराष्ट्र के लोकप्रिय खेलों में शामिल है और राज्य ने देश को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं। इस तरह की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को अनुभव के साथ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र बास्केटबॉल संघ की ओर से प्रतियोगिता के सफल आयोजन की सराहना भी की।
खिलाड़ियों की मेहनत और जिद ही सफलता की असली पहचान
एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए फडणवीस ने कहा कि भारत ने इस बार 48 पदक हासिल किए और 17 राज्यों के खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। कबड्डी, निशानेबाजी और तीरंदाजी जैसे खेलों में सामान्य परिवारों से आने वाले खिलाड़ियों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी की आर्थिक या पारिवारिक परिस्थितियां नहीं, बल्कि उसकी मेहनत, जिद और खेल के प्रति समर्पण महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने सभी विजेता और सहभागी टीमों को बधाई दी। महाराष्ट्र की टीम इस बार फाइनल तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन खिलाड़ियों को निराश होने की जरूरत नहीं है। खेल में हार-जीत होती रहती है। पराजय के बाद भी लगातार प्रयास करने वाले खिलाड़ी ही भविष्य में जीत हासिल करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों की टीमों की भागीदारी से देश की विविधता और एकता का परिचय मिलता है। उत्तर और दक्षिण भारत के खिलाड़ी एक साथ आकर देश के खेल क्षेत्र को गौरवान्वित कर रहे हैं।
नागपुर में अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता की उम्मीद
बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव सुबिंदर सिंह गिल ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य बास्केटबॉल संघ के प्रयासों से राज्य के बालक और बालिका वर्ग की टीमें राष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय पदक जीतने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रयासों से नागपुर में बन रहे बास्केटबॉल स्टेडियम में भविष्य में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा। महाराष्ट्र राज्य बास्केटबॉल संघ के अध्यक्ष संदीप जोशी ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी।
तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश ने जीते खिताब
41वीं युवा राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप के पुरस्कार वितरण समारोह में व्यक्तिगत और टीम वर्ग के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। बालिका वर्ग में तमिलनाडु ने चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया, जबकि कर्नाटक की टीम उपविजेता रही। बालक वर्ग में उत्तर प्रदेश ने विजेता बनने का गौरव हासिल किया और मध्य प्रदेश की टीम उपविजेता रही। इस अवसर पर जापान में आयोजित एशियाई खेलों में तीरंदाजी में रजत पदक जीतने वाले महाराष्ट्र के यशदीप भोगे को भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सम्मानित किया।
