भगवान राम और कृष्ण को लेकर आपत्तिजनक सामग्री पर भड़के अखिलेश यादव, बोले- सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के कार्यक्रम रद्द हों

वाराणसी, उत्तर प्रदेश। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भगवान कृष्ण और भगवान राम के पिता को लेकर कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सवाल उठाया कि आखिर ऐसी गतिविधियां किसके इशारे पर की जा रही हैं। उन्होंने संबंधित व्यक्ति के सभी कार्यक्रम रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पहले भगवान कृष्ण को लेकर विवादित वीडियो सामने आया और अब भगवान राम के पिता के बारे में अभद्र टिप्पणी प्रसारित होने की बात सामने आ रही है। उन्होंने इसे सनातन विरोधी गतिविधि बताते हुए कहा कि इसके पीछे जो भी राजनीतिक संरक्षण दे रहे हैं, उन्हें यह मंजूर हो सकता है, लेकिन उन्हें यह कतई स्वीकार नहीं है। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा- अब सच्चे सनातनी इनकी पर्ची लिखेंगे।
काशी पहुंचने पर भाजपा पर साधा निशाना
वहीं, मंगलवार को अखिलेश यादव एमएलसी चुनाव में जीत के बाद पहली बार वाराणसी पहुंचे। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा- भाजपा के जाने पर ही बनारस मुस्कुराएगा। उन्होंने वादा किया कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो का निर्माण कराया जाएगा। अखिलेश यादव ने किसानों की समस्याओं, बढ़ती बेरोजगारी और शहर में फैली गंदगी को लेकर भी मौजूदा सरकार की आलोचना की।
रोपवे और स्टेडियम परियोजनाओं पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने वाराणसी में रोपवे और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जैसी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि क्या इन परियोजनाओं के सहारे पूरे पूर्वांचल को जीतने की रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ सबसे पहले धोखा लखनऊ में बैठे लोगों ने किया है। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा सरकार जाने के बाद नौजवानों, किसानों और समाज के सभी वर्गों को राहत मिलेगी तथा प्रदेश में खुशहाली आएगी।
