जमीन में दबे तीन ड्रमों से मिले 3.20 करोड़ रुपये, पुणे से सात बैग में लाई गई थी नकदी
प्रयागराज के बरईपुर रामनगर गांव में चौथे दिन भी खुदाई जारी, 15 से अधिक लोगों की भूमिका संदिग्ध, पुलिस खंगाल रही 10 साल का रिकॉर्ड

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। बरईपुर रामनगर गांव में जमीन के अंदर तीन ड्रमों में छिपाकर रखी गई नकदी की गिनती में कुल 3 करोड़ 20 लाख 93 हजार रुपये मिले हैं। पूरी रकम 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियों में रखी गई थी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नकदी पुणे से सात बैग में भरकर प्रयागराज लाई गई थी। बरामद रकम चोरी की होने की आशंका जताई जा रही है। शनिवार को चौथे दिन भी आयकर विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में मकान के कमरों, आंगन और खाली जगहों पर मजदूरों से खुदाई कराई गई। पुलिस नकदी के स्रोत और उसे पुणे से प्रयागराज लाने वालों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुणे की कंपनी और सराफा कारोबारी से जुड़ रहे तार
जांच में पता चला है कि कोरोना संक्रमण के दौरान राजेश कुमार उर्फ बबलू पुणे की मार्शल नामक कंपनी में नौकरी करता था। यह चर्चा भी है कि वह पुणे में एक सराफा कारोबारी के यहां काम करता था। बताया जा रहा है कि कारोबारी के यहां छापेमारी के दौरान रुपये बोरों में भरकर राजेश के घर रखे गए थे। कारोबारी के जेल जाने के बाद वह रकम अपने घर नवाबगंज ले आया। हालांकि, पुलिस अभी इस पूरे घटनाक्रम का सत्यापन कर रही है। मार्शल कंपनी से भी संपर्क कर जानकारी जुटाई जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। इस मामले में नवाबगंज पुलिस जल्द ही चोरी की प्राथमिकी दर्ज कर सकती है।
15 से अधिक लोगों की भूमिका संदिग्ध
पुलिस ने राकेश, राजेश और परिवार के अन्य सदस्यों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जांच में 15 से अधिक लोगों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। इनके संपर्कों और गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा आयकर रिटर्न (आईटीआर) से जुड़ी जानकारी भी खंगाली गई है। पुलिस पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड जुटाकर नकदी के स्रोत का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों की जांच
पुलिस संबंधित परिवार की संपत्तियों का ब्योरा भी जुटा रही है। जांच का एक अहम पहलू यह है कि पिछले कुछ वर्षों में राजेश और राकेश ने अपने नाम के अलावा रिश्तेदारों के नाम पर कहां-कहां जमीन और अन्य संपत्तियां खरीदी हैं। इन संपत्तियों और बरामद नकदी के बीच संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है। डीसीपी गंगापार सोनम कुमार के मुताबिक, नकदी के स्रोत और उसे पुणे से प्रयागराज लाने में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। सभी संबंधित पहलुओं पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
