जेल से रिहा होते ही ईडी की कस्टडी में गए आजम खान, बोले- मुसलमान होना गुनाह है
दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रामपुर जेल से निकले सपा नेता, बेटे अब्दुल्ला आजम की रिहाई की प्रक्रिया भी पूरी

रामपुर, उत्तर प्रदेश। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव आजम खान रामपुर जिला जेल से रिहा होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कस्टडी में चले गए। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी जेल से रिहाई हुई। जेल से बाहर निकलते समय आजम खान ने कहा, “कहने को बचा ही क्या है। इस देश में मुसलमान होना गुनाह है। यह मुसलमान होने की सजा है। एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई, यह गुनाह है। मुसलमान ने बच्चों और समाज के लिए स्कूल बनाए, यह भी गुनाह है। आजम खान और उनके बेटे एवं पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान की रिहाई से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों के रिहाई परवाने रामपुर जिला कारागार पहुंच गए थे। इसकी जानकारी मिलते ही जेल के बाहर समर्थकों और सपा कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी। हालांकि, आजम खान की रिहाई के बाद ईडी की कस्टडी में जाने से घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।
जमानत से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी
दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आजम खान और अब्दुल्ला आजम की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिन मामलों में दोनों जेल में बंद थे, उनमें जमानती बांड और श्योरिटी दाखिल की गई। संबंधित अदालतों में इनके सत्यापन के बाद रिहाई के आदेश जारी किए गए।
90 से 100 रिहाई परवाने जेल भेजे गए
आजम खान के अधिवक्ता जुबैर अहमद खान के मुताबिक, दोनों नेताओं से जुड़े सभी मामलों में जमानती बांड और श्योरिटी का सत्यापन पूरा हो चुका था। इसके बाद अदालतों ने रिहाई के आदेश जारी किए। अधिवक्ता ने बताया कि करीब 90 से 100 रिहाई परवाने जिला कारागार भेजे गए थे।
जेल के बाहर जुटे समर्थक
रिहाई की खबर मिलते ही सपा कार्यकर्ता और समर्थक जेल के बाहर पहुंचने लगे। कई लोग फूल-मालाएं लेकर आए थे और अपने नेता के समर्थन में नारे लगा रहे थे। समर्थकों ने इस दिन को दिवाली और ईद जैसी खुशी का अवसर बताया। जेल के बाहर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों के लोग भी मौजूद दिखाई दिए। लंबे इंतजार के बाद आजम खान और अब्दुल्ला आजम की रिहाई की खबर से समर्थकों में उत्साह था। हालांकि, आजम खान के जेल से बाहर आते ही ईडी की कस्टडी में जाने से उनकी आगे की कानूनी स्थिति पर सबकी नजरें टिक गईं।
