जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हर भारतीय के दिल में रखते हैं विशेष स्थान: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा

मुंबई। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का हर भारतीय के मन में विशेष स्थान है। यह क्षेत्र भारत का मुकुट है। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का अर्थ विविधताओं के बीच दिलों, मनों और विचारों की एकता है। यह बात राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कही। केंद्र सरकार के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत लोकभवन में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख स्थापना दिवस मनाया गया। 31 अक्टूबर को निर्धारित स्थापना दिवस राष्ट्रपति के नासिक दौरे के कारण एक दिन पहले आयोजित किया गया।
विविधता ही भारतीय एकता की पहचान
राज्यपाल ने कहा कि विविधता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता स्थापित करना ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। देश के प्रत्येक राज्य की भाषा, संस्कृति, परंपराएं और कला अलग-अलग हैं, लेकिन इन्हीं विविधताओं से भारतीय सभ्यता और एकता की पहचान बनती है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तकला, नृत्य और परंपराएं देश के गौरव में वृद्धि करती हैं।
विद्यार्थियों से विभिन्न राज्यों की संस्कृति जानने का आह्वान
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने लोगों से अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, इतिहास, खान-पान और परंपराओं के बारे में जानने की अपील की।
कलाकारों और विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कलाकारों के साथ बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अभ्युदय नगर, कालाचौकी स्थित स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर राज्यपाल के हाथों विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और विद्यार्थियों के साथ डोगरा समाज, कश्मीरी पंडित एसोसिएशन, आईआईटी मुंबई तथा ‘युवा संगम-7’ के प्रतिनिधियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, जीएचआरटी इंटरनेशनल के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एच. आर. रहमा, आईआईटी मुंबई के उपनिदेशक प्रो. मिलिंद अत्रे, बृहन्मुंबई महानगरपालिका की शिक्षा समिति की अध्यक्ष राजश्री शिरवाडकर और पूर्व महापौर श्रद्धा जाधव सहित ‘युवा संगम-7’ के सदस्य, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नागरिक, कश्मीरी पंडित एसोसिएशन के प्रतिनिधि, कलाकार तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।
