बेनामी संपत्ति का मामला निपटाने के लिए 15 लाख की रिश्वत लेते आयकर निरीक्षक गिरफ्तार

सीबीआई का आरोप—पहले मांगे थे 20 लाख रुपये, बाद में 15 लाख पर तय हुआ सौदा, तलाशी में 11 लाख रुपये नकद और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद
मुंबई। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने आयकर विभाग के निरीक्षक सुभाष कुमार यादव को कथित तौर पर 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने बेनामी संपत्ति से जुड़े एक मामले को निपटाने के लिए रिश्वत मांगी थी। सीबीआई के अनुसार, शुरुआत में 20 लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन बाद में कथित तौर पर 15 लाख रुपये पर सहमति बनी।
सीबीआई ने जाल बिछाकर की कार्रवाई
सीबीआई ने 27 अक्टूबर को जाल बिछाकर निरीक्षक को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। तलाशी के दौरान 11 लाख रुपये नकद और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। मामले में आगे की जांच की जा रही है। मामले में अदालत ने आरोपी निरीक्षक को 30 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी रिश्वत की मांग, कथित लेन-देन और बरामद दस्तावेजों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में अन्य जानकारियां सामने आ सकती हैं।
भ्रष्टाचार पर फिर उठे सवाल
आयकर विभाग का काम कर संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। ऐसे में विभाग के किसी अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगना सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े करता है। हालांकि, मामले में आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है। सीबीआई की जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों से ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।
