मकान के भीतर जमीन में गाड़े तीन ड्रमों से करोड़ों रुपये बरामद
नवाबगंज के बरईपुर रामनगर गांव में पुलिस की कार्रवाई, चार लोग हिरासत में, नकदी के स्रोत की जांच शुरू

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के नवाबगंज क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में बुधवार देर शाम एक मकान के भीतर जमीन में गाड़े गए तीन ड्रमों से करीब चार से पांच करोड़ रुपये मिलने से हड़कंप मच गया। इतनी बड़ी नकदी कहां से आई और उसे ड्रमों में भरकर जमीन के भीतर क्यों छिपाया गया था, पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है। मामले में राकेश यादव समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार, बुधवार देर शाम पुलिस को सूचना मिली कि बरईपुर रामनगर निवासी राकेश यादव के मकान में चोरी के रुपये जमीन में गाड़कर रखे गए हैं। सूचना मिलने पर एडीसीपी गंगापार पुष्कर वर्मा समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। तलाशी के दौरान पुलिस को जमीन में गाड़े गए तीन ड्रम मिले, जिनमें 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां रखी थीं। पुलिस ने आयकर विभाग सहित संबंधित विभागों को सूचना देकर नकदी को सील कर दिया। बृहस्पतिवार को रुपयों की गिनती किए जाने की बात कही गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि राकेश का भाई बबलू यादव कई वर्षों से पुणे में रहता था और वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन में गांव आया था। उसके साथ दो जीजा और एक साढ़ू भी आए थे। चर्चा है कि नकदी उसी दौरान लाई गई थी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। राकेश यादव के परिवार में कुछ दिन पहले विवाद होने की बात भी सामने आई है। पुलिस इस विवाद को भी जांच में शामिल कर रही है, लेकिन इसका जमीन में गाड़कर रखी गई नकदी से कोई संबंध है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
गांव में करोड़ों की संपत्ति बनाने की भी जांच
ग्रामीणों के अनुसार, राकेश यादव ने पिछले कुछ वर्षों में गांव में तेजी से संपत्ति बनाई। बताया गया कि उसने कई बीघे खेत खरीदे और करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से मकान बनवाया। इसके अलावा उसने दो ट्रैक्टर और डीजे भी खरीदा। पुलिस अब उसकी संपत्ति जुटाने के स्रोत और नकदी के लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है। डीसीपी गंगापार सोनम कुमार के मुताबिक, मकान के भीतर जमीन में गाड़े गए तीन ड्रमों से करोड़ों रुपये बरामद हुए हैं। संबंधित विभागों को सूचना दे दी गई है और गिनती के बाद नकदी की सही राशि स्पष्ट होगी। उन्होंने बताया कि रुपये कहां से आए, इसकी जांच की जा रही है।
