सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मेट्रो परियोजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश

मुंबई मेट्रो लाइन 12-A को कैबिनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी की मंजूरी, साढ़े तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य

मानपाड़ा-काटई नाका से तळोजा तक 18.40 किलोमीटर लंबा मार्ग बनेगा, 12 स्टेशन होंगे

मुंबई। मानपाड़ा-काटई नाका से कल्याण फाटा होते हुए तळोजा तक 18.40 किलोमीटर लंबी मुंबई मेट्रो लाइन 12-A को कैबिनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मार्ग को अगले साढ़े तीन वर्षों में पूरा करने के निर्देश दिए। इस परियोजना से कल्याण-डोंबिवली और नवी मुंबई के बीच परिवहन संपर्क मजबूत होने के साथ औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक केंद्रों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। मंगलवार को मंत्रालय स्थित कैबिनेट कक्ष में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में कैबिनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी की बैठक हुई। इसमें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव असीमकुमार गुप्ता और एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही मेट्रो परियोजनाओं की गति बढ़ाने और उन्हें निर्धारित समय में पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
सड़क यात्रा के मुकाबले 40 से 50 प्रतिशत समय बचने की उम्मीद
मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने मानपाड़ा-काटई नाका से कल्याण फाटा होते हुए तळोजा तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन 12-A की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट मंजूरी के लिए प्रस्तुत की थी। महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी के अनुसार, इस मेट्रो मार्ग से सड़क यात्रा की तुलना में 40 से 50 प्रतिशत तक समय बचने की उम्मीद है। पूरी मेट्रो लाइन एलिवेटेड होगी और इसमें 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। परियोजना में 6.93 किलोमीटर लंबा चार लेन का तथा 8.69 किलोमीटर लंबा छह लेन का एकीकृत फ्लाईओवर भी शामिल है। अनुमान है कि इस मार्ग पर प्रतिदिन लगभग 4 लाख 74 हजार यात्री सफर करेंगे।
तीन मेट्रो मार्गों से कनेक्टिविटी
परियोजना के तहत काटई नाका पर मेट्रो लाइन 12 और बुलेट ट्रेन के कनेक्टिंग मार्ग से, काटई नाका से कल्याण फाटा के बीच मेट्रो लाइन 14 से तथा अमनदूत में नवी मुंबई मेट्रो लाइन 1 से कनेक्टिविटी प्रस्तावित है। सभी स्टेशनों पर फीडर बस सेवा की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। मेट्रो सेवा शुरू होने से सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता बढ़ेगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। इससे कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का दबाव घटने की उम्मीद है। परियोजना का उद्देश्य यात्रा का समय कम करना, सड़कों पर यातायात का दबाव घटाना, पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय आर्थिक विकास के लिए बेहतर परिवहन व्यवस्था तैयार करना है।
एमएमआरडीए करेगा परियोजना का क्रियान्वयन
इस परियोजना को लागू करने की जिम्मेदारी मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) को सौंपी गई है। मेट्रो मार्ग और एकीकृत फ्लाईओवर के क्रियान्वयन के लिए प्राधिकरण को विशेष नियोजन प्राधिकरण नियुक्त करने को भी मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा, परियोजना के प्रभाव क्षेत्र में आने वाली निर्धारित सरकारी जमीनों को परियोजना के विकास और वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए एमएमआरडीए को हस्तांतरित करने की मंजूरी भी दी गई।

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