पानी की समस्या से जूझ रहे मुंबईकर: बीएमसी पी/पूर्व विभाग में अवैध प्लेटिंग कारखानों में अवैध नल कनेक्शन से पानी की सप्लाई
शिकायत के बाद भी सहायक आयुक्त रुपाली सरमलकर व सहायक अभियंता रविन्द्र गावड़े दे रहे हैं पानी चोरों को संरक्षण

मुंबई। एक ओर मुंबई के कई हिस्सों में नागरिक पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं बीएमसी के पी/पूर्व विभाग में अवैध प्लेटिंग कारखानों को अवैध नल कनेक्शन के जरिए पानी उपलब्ध कराए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में की गई शिकायतों के बावजूद कार्रवाई सिर्फ दिखावटी हो रही है। नल काटने के बाद सहायक अभियंता रविन्द्र गावड़े व कनिष्ठ अभियंता राउत की नाकामी कहें या मोटी वसूली के चलते, काटे गए कनेक्शनों को दोबारा जोड़ लिया जाता है। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इसकी जानकारी पी/पूर्व की सहायक आयुक्त रुपाली सरमलकर को है, फिर भी कठोर कार्रवाई नहीं होने से उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। शिकायत के अनुसार, मालाड पूर्व के कुरार विलेज, आप्पा पाड़ा स्थित सतवीर यादव कंपाउंड में करीब 10 प्लेटिंग कारखाने कथित तौर पर बिना आवश्यक अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं। इन कारखानों में इलेक्ट्रो प्लेटिंग के काम के लिए बड़े पैमाने पर एसिड और पानी का इस्तेमाल होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता बद्रीनाथ मौर्य ने पी/पूर्व की सहायक आयुक्त रुपाली सरमलकर से लिखित शिकायत करने के साथ मुलाकात भी की। यही नहीं, एक बार नहीं, कई बार पीने के पानी का इस्तेमाल अवैध प्लेटिंग कारखानों में किए जाने की शिकायतें की गई हैं। मौर्य ने बीएमसी के साथ महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के प्रादेशिक कार्यालय, फायर ब्रिगेड सहित संबंधित विभागों को पत्र भेजकर शिकायत की है कि इन कारखानों से निकलने वाला रासायनिक पानी पास की नालियों में छोड़ा जा रहा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।
बार-बार कनेक्शन काटने के बाद भी दोबारा जोड़ने का मामला
इस मामले में जल विभाग के सहायक अभियंता रविन्द्र गावड़े ने कहा कि विभाग बार-बार अवैध नल कनेक्शन काटता है, लेकिन उन्हें दोबारा जोड़ लिया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि कारखाना विभाग इन कारखानों को बंद करा दे, तो पानी की चोरी भी बंद हो जाएगी। लेकिन शिकायतकर्ता बद्रीनाथ मौर्य ने कहा कि जल विभाग के सहायक अभियंता गावड़े व इमारत एवं कारखाना विभाग के पदनिर्देशित अधिकारी जाधव जैसे अधिकारियों की मिलीभगत से इन कारखानों में पानी की चोरी की जा रही है और बड़े पैमाने पर पानी का उपयोग किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि अवैध नल कनेक्शन पाए जाते हैं, तो संबंधित कारखानदारों के खिलाफ कुरार पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई जाए और नियमानुसार पानी चोरी का दंड एवं बकाया वसूला जाए। बता दें कि इन अवैध कारखानों पर कार्रवाई के लिए फायर ब्रिगेड ने भी बीएमसी को पत्र भेजा है। फिर भी बीएमसी पी/पूर्व की सहायक आयुक्त रुपाली सरमलकर कुंभकर्णी नींद में सो रही हैं। सूत्र बताते हैं कि उनका ध्यान सिर्फ कमाई वाले कामों पर रहता है। वहीं, मंगलवार को संवाददाता ने इस संदर्भ में पी/पूर्व की सहायक आयुक्त रुपाली सरमलकर से मिलने और विभाग का पक्ष जानने का प्रयास किया, तो उन्होंने मिलने से मना कर दिया। एक तरफ मुंबईकर पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, वही पानी की हो रही चोरी पर सहायक आयुक्त रुपाली सरमलकर कुछ बोलना भी सही नहीं समझतीं। मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मुंबई में जलापूर्ति को लेकर नागरिकों को कई बार कटौती और कम दबाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि व्यावसायिक इकाइयों में अवैध रूप से पानी इस्तेमाल किए जाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह गंभीर प्रशासनिक मामला बन सकता है।
