राज ठाकरे ने हटाई मोदी-अडाणी पर बनी डॉक्यूमेंट्री, मुंबई पुलिस आयुक्त के अनुरोध का दिया हवाला

मनसे नेताओं ने उठाए सवाल, पूछा—वीडियो हटाने का अनुरोध करने की पुलिस को क्यों पड़ी जरूरत? मामले ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पुलिस की भूमिका पर छेड़ी बहस

मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडाणी पर बनी डॉक्यूमेंट्री अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दी है। उन्होंने रविवार को बताया कि मुंबई पुलिस आयुक्त के अनुरोध पर उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि, इस फैसले के बाद मनसे के नेताओं ने सवाल उठाए हैं कि आखिर पुलिस को राज ठाकरे से डॉक्यूमेंट्री हटाने का अनुरोध करने की जरूरत क्यों पड़ी। इस मामले ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पुलिस की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
डॉक्यूमेंट्री को 48 लाख से ज्यादा बार देखा गया
राज ठाकरे ने बताया कि हॉटमेल के संस्थापक सबीर भाटिया द्वारा बनाई गई इस डॉक्यूमेंट्री को एक्स पर पोस्ट किए जाने के बाद 48 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका था। उनके मुताबिक, फिल्म का उद्देश्य लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गौतम अडाणी की पुरानी दोस्ती के बारे में जानकारी देना था। ठाकरे ने कहा कि वह जनवरी 2026 से ही इस मुद्दे को उठा रहे हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले भी उन्होंने अडाणी और प्रधानमंत्री मोदी के संबंधों पर सवाल उठाए थे। राज ठाकरे ने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र पुलिस देश की सबसे कुशल पुलिस बलों में शामिल हैं और वह हमेशा उनका सम्मान करते रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मुंबई पुलिस आयुक्त के अनुरोध का सम्मान करते हुए उन्होंने डॉक्यूमेंट्री हटा दी है। ठाकरे के मुताबिक, सबीर भाटिया ने यह फिल्म हाल ही में बनाई है, लेकिन वह जनवरी 2026 में अपने आवास शिवतीर्थ पर इसी विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दे चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि उस प्रस्तुति में बताया गया था कि अडाणी समूह किस तरह पूरे देश में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
मनसे नेता संदीप देशपांडे ने उठाए सवाल
राज ठाकरे के फैसले से मनसे के कई नेता हैरान हैं। पार्टी की एक स्थानीय शाखा में शनिवार को इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग भी की गई थी। मनसे नेता संदीप देशपांडे ने सवाल उठाया कि मुंबई पुलिस को राज ठाकरे से वीडियो हटाने का अनुरोध करने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने पूछा कि क्या पुलिस पर कोई दबाव था और क्या सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो की निगरानी करना पुलिस का काम है। देशपांडे ने यह भी कहा कि पुलिस को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े लोगों की शहर में मौजूदगी जैसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए। इस गिरोह से जुड़े लोगों पर कई चर्चित हस्तियों पर हमलों में शामिल होने के आरोप लग चुके हैं।
सबीर भाटिया की डॉक्यूमेंट्री पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की थी?
मुंबई पुलिस ने 18 अक्टूबर को एक्स के 24 अकाउंट धारकों को कानूनी नोटिस जारी किए थे। ये नोटिस उन लोगों को भेजे गए थे, जिन्होंने सबीर भाटिया की विवादित डॉक्यूमेंट्री साझा की थी। नोटिस में आरोप लगाया गया था कि डॉक्यूमेंट्री में कंपनी के खिलाफ झूठे, भ्रामक और अपमानजनक बयान तथा आरोप लगाए गए हैं। पुलिस की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, इन आरोपों को तथ्यात्मक या कानूनी आधार के बिना फैलाया गया, जिससे कंपनी की प्रतिष्ठा, साख और सार्वजनिक छवि को लगातार नुकसान पहुंच रहा था। इन नोटिसों के कुछ दिनों बाद राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस आयुक्त के अनुरोध का हवाला देते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट से डॉक्यूमेंट्री हटा दी।
महाराष्ट्र में वन भूमि के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
इस बीच, राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में वन भूमि के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य सरकार को भीमाशंकर में कई सौ हेक्टेयर वन भूमि गुजरात स्थित टोरेंट समूह को सौंपने का निर्देश दिया है। ठाकरे का आरोप है कि महाराष्ट्र सरकार चुनिंदा उद्योगपतियों को बड़े पैमाने पर वन और प्राकृतिक क्षेत्रों की जमीन दे रही है और आगे भी ऐसा करने की योजना है। हालांकि, ये आरोप राज ठाकरे ने लगाए हैं। मनसे के एक पदाधिकारी के मुताबिक, राज ठाकरे 28 अक्टूबर को कर्जत में एक रैली को संबोधित करेंगे। इस रैली में वह वन भूमि के मुद्दे को उठा सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *